और पेज प्रभारी संपादक जी ने तस्वीर के कैप्शन में “ कैप्शन ” भी लिख डाला ... दैनिक भास्कर 29 जनवरी

और पेज प्रभारी संपादक जी ने तस्वीर के कैप्शन में “ कैप्शन ” भी लिख डाला ... दैनिक भास्कर 29 जनवरी

ओम थानवी/ नाम तो एक ही होगा। फिर अख़बारों में दो तरह से क्यों लिखा जाता है? रिपोर्टर चाहें तो सही नाम कई स्रोतों से पता कर सकते हैं।
वैसे नाम में कोई नियम व्याकरण आदि का काम नहीं करता। नाम के बतौर कृष्ण ही नहीं, क्रुष्ण, कृष्णा, किसन, किसना, कृशन, कान्हा, काना, कन्हाई, कन्हैया, कनिया सब ठीक माने …

पटना/ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी शीघ्र स्वस्थ हों, मीडियामोरचा की ओर से ये कामना.
सुशील मोदी ने पिछले दिनों ही अपनी बीमारी की खबर साझा की. मीडिया ने भी उनको जगह दी. खबरें छपी, लेकिन जहां कल, 4 अप्रैल को हिंदुस्तान ने लिखा है कि उनको गले का कैंसर है, दैनिक भास्…
एक ही अख़बार की एक ही दिन की दो खबर . यहाँ जिंदगी लौट रही है या डर ? या फिर दिन में डर और रात में नाईट लाइफ ! दैनिक भास्कर, पटना , 31 मई 2023
खबर की शीर्षक में धरना जबरन हटाये जाने को ये अख़बार ख़त्म लिखता है.
हिंदुस्तान पटना , 29 मई 2023
डॉ. लीना