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‘रेवान्त’ के तीन साल पूरे

January 30, 2014

कहानी पाठ व परिसंवाद का आयोजन

लखनऊ। लखनऊ से डॉ अनीता श्रीवास्तव के संपादन में निकलने वाली साहित्यिक पत्रिका ‘रेवान्त’ के प्रकाशन के तीन साल पूरा होने पर आज 30 जनवरी को पत्रिका की ओर से राज्य सूचना केन्द्र, हजरतगंज में कहानी पाठ व परिसंवाद का आयोजन किया गया।

इसके मुख्य अतिथि ब्रिटेन निवासी हिन्दी कथाकार व कवि तेजेन्द्र शर्मा थे। उन्होंने अपनी कहानी ‘कब्र का मुनाफा’ का पाठ किया। कथा यू के की संरक्षक व लेबर पार्टी की कौंसिलर जाकि़या जुबेरी ने तेजेन्द्र शर्मा की कहानी पर अपना लिखित आलेख का पाठ किया तथा अपनी कविता ‘कुत्ता’ सुनाई। तेजेन्द्र शर्मा की कहानी पर पत्रकार नवीन जोशी ने अपनी बात रखी।

‘रेवान्त’ के तीन साल के सफर अपना वक्तव्य ‘रेवान्त’ के प्रधान संपादक व कवि कौशल किशोर ने रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार व उपन्यासकार रवीन्द्र वर्मा ने की। कवयित्री सुशीला पुरी ने इन अतिथियों का स्वागत किया तथा ‘रेवान्त’ की संपादक डॉ अनीता श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन रत्ना श्रीवास्तव ने किया।

इस मौके पर बड़ी संख्या में शहर के लेखक, बुद्धिजीवी, पत्रकार व साहित्य सुधी पाठक उपस्थित थे जिनमें गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, भगवान स्वरूप कटियार, वन्दना मिश्र, शीला रोहेकर, अजय सिंह, दयानन्द पाण्डेय, शोभा सिंह, नसीम साकेती, अखिलेश श्रीवास्तव, रजनी गुप्ता, प्रज्ञा पाण्डेय, उषा राय,, विमला किशोर, राम कठिन सिंह, प्रताप दीक्षित, महेन्द्र भीष्म, देवेन्द्र, नलिन रंजन सिंह, अजीत प्रयदर्शी, के के वत्स आदि प्रमुख थे।

‘रेवान्त’ की विशेषता है कि यह पत्रिका मुख्यतौर पर महिलाओं की पहल से निकल रही है। यह बात आज के आयोजन में भी देखने को मिली जहां पुरुषों से अधिक महिलाओं की उपस्थिति थी।

 

 

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