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आरएनआई के कामकाज एवं प्रक्रियाओं को दुरुस्‍त करने के लिए उठाये जा रहे कदम

श्री एम. वेंकैया नायडू ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्‍यक्षता की 

नई दिल्ली/ सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने कल ‘भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कामकाज’ विषय पर चर्चा करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्‍यक्षता की। 

श्री नायडू ने अपने शुरुआती संबोधन में समिति के सदस्‍यों को यह जानकारी दी कि भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कामकाज एवं प्रक्रियाओं को दुरुस्‍त करने के लिए मंत्रालय द्वारा क्‍या-क्‍या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि आरएनआई प्रक्रियाओं एवं कार्यपद्धति को और ज्‍यादा आसान बनाने के लिए खुद ही इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मंत्रालय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन बनाने पर अपना ध्‍यान केंद्रित कर रहा है और इस तरह से वह पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा दे रहा है। 

श्री नायडू ने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि विशेषकर नब्‍बे के दशक में आर्थिक उदारीकरण के बाद प्रिंट मीडिया क्षेत्र में हुए उल्‍लेखनीय विकास को ध्‍यान में रखते हुए प्रिंट मीडिया से जुड़ी नीति/दिशा-निर्देशों में कुछ बदलाव किए गए हैं। प्रिंट मीडिया क्षेत्र में समकालीनों को अद्यतन करने एवं कानूनी व्‍यवस्‍था में संशोधन करने के साथ-साथ प्रिंट मीडिया से जुड़ी नीति एवं विभिन्‍न दिशा-निर्देशों को कानूनी आधार प्रदान करने की जरूरत है। इस संदर्भ में मंत्री महोदय ने सदस्‍यों को प्रस्‍तावित प्रेस और पुस्तकों एवं प्रकाशन का पंजीकरण (पीआरबीपी) विधेयक की खास बातों से अवगत कराया। 

समिति के सदस्‍यों ने उन कदमों के बारे में सुझाव दिए, जो आरएनआई के आधुनिकीकरण एवं विभिन्‍न प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए उठाए जा सकते हैं। मंत्री महोदय ने सदस्‍यों से प्राप्‍त सुझावों की सराहना की और उन्‍हें इस बात का आश्‍वासन दिया कि इन सुझावों पर भलीभांति गौर किया जाएगा।

मंत्रालय की तरफ से संयुक्‍त सचिव द्वारा एक प्रस्‍तुति दी गई, जिसमें भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कामकाज को दर्शाया गया। समिति के सदस्‍यों को आरएनआई की उपलब्‍धियों और ई-पहलों के बारे में जानकारी दी गई, जिनमें वार्षिक वक्‍तव्‍य, टाइटिल, निविदाओं को ऑनलाइन दाखिल करना और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शामिल हैं। 

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