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कोविड-19 के प्रबंधन में मीडिया की भूमिका पर वेबीनार आयोजित

पटना/ पत्र सूचना कार्यालय पटना, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा "कोविड-19 के प्रबंधन में मीडिया की भूमिका" पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार की अध्यक्षता पीआईबी के अपर महानिदेशक श्री एस के मालवीय ने किया। पत्र सूचना कार्यालय के सहायक निदेशक श्री संजय कुमार एवं फील्ड आउटरीच ब्यूरो, छपरा के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री पवन कुमार सिन्हा ने सम्मिलित रूप से वेबिनार का संचालन किया। श्री संजय कुमार ने वेबिनार की शुरूआत में सभी प्रतिभागियों का स्वागत तथा परिचय दिया और वेबीनार के विषय वस्तु की जानकारी दी।        

पत्र सूचना कार्यालय के महानिदेशक श्री एस के मालवीय ने वेबीनार का  शुभारंभ करते हुए सरकारी मीडिया तंत्र में अपने अनुभवों को साझा किया और सरकार द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए उठाए गए कदम के बारे में विस्तार से बताया।  उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि खबरों को पूरी प्रमाणिकता के साथ और सही परिप्रेक्ष्य में ही जनता तक पहुंचाया जाएं।

वेबीनार में शामिल बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार झा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसी आपदा आई है । हर आपदा से निपटने के लिए पहले से जानकारी होती है और उसके कुछ मानक संचालन प्रक्रिया होते हैं , जिसके दायरे में रहकर काम किया जाता है। लेकिन कोविड-19 एक ऐसी महामारी है जिसके बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं होने की वजह से उसकी रोकथाम और इसके बारे में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज के मीडिया में प्रमाणिकता की बेहद जरूरत है।  जल्दीबाजी और ब्रेकिंग न्यूज़ के चक्कर में अक्सर अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं चली जाती हैं।  उदाहरण के तौर पर समस्तीपुर के एक क्वारंटाइन सेंटर का हवाला देते हुए कहा कि मीडिया में ऐसी खबर छपी कि वहां के एक क्वारंटाइन सेंटर में बार-बालाओं द्वारा मनोरंजन का आयोजन किया किया गया जो कि बाद में सरासर झूठा पाया गया। इसलिए उन्होंने मीडिया से खबरों की प्रमाणिकता और सटीकता पर ध्यान देने का  आग्रह किया। श्री झा ने बिहार सरकार द्वारा उठाए गए कदम के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि बिहार सरकार का सोशल मीडिया हैंडल  पिछले 2 महीने में लगभग डेढ़ लाख लोगों ने सब्सक्राइब  किया जो सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जा रही सूचनाओं की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, मुजफ्फरपुर के हिन्दी एवं पत्रकारिता व जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ सतीश राय ने मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीडिया का रोल बहुत व्यापक हो गया है। उन्होंने कहा कि वेब पोर्टल और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के माहौल में लोग भयभीत  हैं, जिसे मीडिया के जरिए ही दूर किया जा सकता है। इसलिए मीडिया को ऐसे समय में ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है।

वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने सरकार के सूचना तंत्र में सुधार की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की तरफ से समय समय पर सही और सटीक सूचनाऐं मीडिया को दी जानी चाहिए।

श्री प्रवीण बागी ने कहा कि 24 घंटे चलने वाले चैनल्स और वेब पोर्टल्स की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से जिला जनसंपर्क अधिकारियों को ज्यादा एक्टिव और हर 2 घंटे पर जानकारी साझा करनी चाहिए।

पटना कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के मीडिया और जनसंचार विभाग के कोर्डिनेटर व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ तारीक फातमी ने पत्रकारों के हित की बात करते हुए कहा कि बहुत से पत्रकारों को मीडिया संस्थानों ने सैलरी देना बंद कर दिया है या आधी सैलरी दे रहे हैं और बहुत से पत्रकारों को निकाला जा रहा है। ऐसे में सरकार उनकी सुरक्षा के लिए भी कोई कदम उठाए।

पटना विमेंस कॉलेज के जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष मिनती चकलानवीस ने कोविड-19 महामारी के बारे में बात करते हुए कहा कि यह ऐसी आपदा है जिससे विश्व का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।  ऐसे माहौल में मीडिया का रोल बहुत बढ़ जाता है। आज इंटरनेट देश दुनिया के दूरदराज इलाकों तक पहुंच चुका है, इसलिए जल्दबाजी में अगर कोई  भ्रामक खबर चल जाती है तो उसका प्रसार तुरन्त दूर तक हो जाता है।   इसलिए सरकार, मीडिया और संवाददाताओं के बीच में सही तालमेल  की जरूरत है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं  सन्मार्ग पटना के कार्यकारी संपादक श्री मनोज कुमार सिंह ने सरकार द्वारा कोरोना संकटकाल में पर्याप्त जानकारी दिए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए  कहा की सरकार की सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खबरों को मीडिया में आगे बढ़ाने से पहले सभी जरूरी पक्षों से बात करके पुष्टि कर लेनी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो।  

नौकरशाही डॉट कॉम पटना के मैनेजिंग एडिटर इरशादुल हक ने वेबीनार में अपनी बात रखते हुए कहा  कि कोविड-19 के दौर में मीडिया का रोल सिर्फ जानकारी देना नही है बल्कि आम जनता में करोना महामारी को लेकर व्याप्त डर को कम करने की भी जिम्मेदारी है। चूंकि यह महामारी नई है, इसलिए इसके बारे में गलत सूचना और जानकारी फैलने की संभावना ज्यादा है। मीडिया को इन बिंदुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

वेबिनार के समापन से पूर्व पत्र सूचना कार्यालय,पटना के निदेशक  दिनेश कुमार ने वेबीनार में शामिल सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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