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पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बने विशेष कानून

September 9, 2017

जनजागरण मीडिया मंच ने विशेष कानून बनाये जाने की मांग की  

लखनऊ/ प्रदेश के विभिन्न जिलों में आये दिनों पत्रकारों पर हो रहे जानलेवा हमले एवं हत्या के विरोध के साथ साथ देश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर विशेष कानून बनाने समाचारों और फोटो के संकलन में बाधा डालने वालों पर क़ानूनी कार्रवाई करने की मांगों को लेकर “जनजागरण मीडिया मंच” की ओर से लखनऊ स्थित दिलकुशा प्लाजा कार्यालय में शोकसभा का आयोजान कर प्रदेश से जुड़े पदाधिकारियों सदस्यों की बैठक की गयी जिसमे मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिपाल सिंह राष्ट्रीय महासचिव रिजवान चंचल पूर्वांचल प्रभारी दिलीप मिश्र अमेठी  जिलाध्यक्ष अंसार अहमद सहित विभिन्न जिलों के पत्रकार मंच पदाधिकारी भी मौजूद थे .

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मीडिया मंच के अध्यक्ष हरिपाल सिंह एवं महासचिव रिजवान चंचल ने कहा कि आये दिन पत्रकारों पर होते हमलो के सन्दर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री,मानवाधिकार एवं डीजीपी को ज्ञापन सौंपे जायेंगें जिसमें प्रदेश में मारे गए व हमले में घायल हुए पत्रकारों के हमलावरों  को शीघ्र गिरफ्तार कर पत्रकारों के परिजनों को न्याय दिलाने के साथ ही मुआवजा देने की मांग भी की जायेगी . मंच के महासचिव रिजवान चंचल ने हाल ही में देश  के विभिन्न प्रदेशों में हुई पत्रकारों की हत्याओं व हमलों की घटनाओं पर गहरा दुःख व्यक्ते करते हुए सरकार और प्रशासन से पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाये जाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाने पर जोर दिया श्री चंचल ने कहा की देश के कोने कोने में पत्रकारों की लगतार हो रही हत्या और हमले रुकने का नाम ही नही ले रहें  है.पत्रकारों की सुरक्षा का न कोई कानून है और न ही अलग से कोई मुआवजा का ही प्रावधान है. अब जरूरी हो गया है की सरकार पत्रकारों की जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाये इसके लिए पत्रकार व पत्रकार संगठन एक जुट हों और पत्रकारों की सुरक्षा हेतु विशेष कानून बनाये जाने की मांग सरकार से करें. उन्होंने कहा की इस साल कई पत्रकारों को अपनी जान गवानी पड़ी है और कई पत्रकारों पर हमला भी हुआ है इसके बाद भी सरकार पत्रकारों की सुरक्षा पर सोचने के लिए तैयार नहीं है.

श्री चंचल ने कहा की आलम यह है की खबरनवीस आज खुद ही खबर बनने को मजबूर हैं पत्रकारों की मौत पर कोई राजनीतिक दल आवाज़ नहीं उठा रहा है ऐसे में पत्रकार संगठनों को आगे आना जरूरी है. पूर्वाचल प्रभारी दिलीप मिश्र ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा की लगातार पत्रकारों की हत्याएं हो रहीं हैं अभी दो दिन पूर्वा ही गोंडा के पत्रकार ब्रजनंदन तिवारी की गला दबाकर हत्या कर दी गयी बीती रात राजधानी लखनऊ में भी एक पत्रकार पर बेख़ौफ़  बदमाशों ने चाकुओं से हमला कर दिया कुलमिलाकर बदमाशों के हौसले बुलंद हैं प्रदेश  सरकार को इसपर गंभीर रूप से सोचने की जरूरत है . स्थिति यह है कि हम तो निडर होकर काम कर रहें है लेकिन जब तक घर नहीं पहुंच जाते हमारे परिवार के लोग दहशत में रहते है. श्री मिश्र ने पत्रकारों के सुरक्षा को लेकर विशेष कानून बनाने पर संगठन पदाधिकारियों का शीघ्र ही सयुंक्त हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन राज्यपाल व प्रदेश के मुख्यमंत्री को दिए जाने की बात कही उन्होंने कहा की पत्रकार अपराधियों के गोलियों का निशाना बनता है, उसकी हत्या हो जाती है किन्तु उनके परिजनों को मुआवजा तक नहीं मिलता सरकार को पत्रकारों की हत्या पर विशेष मुआवजा राशि देने के प्रावधान भी बनाना चाहिए इस अवसर पर पत्रकार हिमांशु शुक्ला , दीपिका सिंह ,अनुराग वर्मा , अलीम सिद्दीकी ,मीना खान ,सहित बाराबंकी जिलाध्यक्ष दुरगाप्रशाद  गुप्ता, संजय राठौर सहित कई साहित्यकार व कवियों ने भी अपने विचार रख पत्रकारों कलम कारों की सुरक्षा हेतु विशेष कानून बनाये जाने की मांग को सही ठहराया !  

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