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पत्रकार यूनुस खान की मौत

January 29, 2015

23 दिन पहले उनके साथ की गई थी मारपीट

गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब ने मौत के जिम्मेदारो को सजा दिलाने की मांग की  

भोपाल/  विदिशा की पत्रकारिता में चच्चा के नाम से मशहूर और बगावती पत्रकारिता के पैरोकार 48 वर्षीय यूनुस खान नहीं रहे। उनके निधन की खबर विदिशा के पत्रकारों को श्री राकेश मीणा व श्री अमित श्रीवास्तव ने प्रांतीय अध्यक्ष को दी। उसी समय भोपाल कार्यालय प्रभारी श्री माखन वीजय वर्गीय जी ने विदिशा जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्री एम बी ओझा से चर्चा कर घटना से अवगत कराया साथ ही इस मामले की जांच करने की बात की। साथ ही पत्रकार के परिवार को सरकारी सहायता प्रदान कराने की संगठन पूरी ताकत से सहयोग करेगा।

गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष गंगेले ने इस घटना को दुःखद बताया।  साथ ही प्रादेशिक चैनल के संवाददाता और स्थानीय समाचार पत्र नीरसिंधू के संपादक यूनुस खान की मृत्यु पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके साथ हुई मारपीट व हमले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।  गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष गंगेले ने कहा कि जो आरोप विदिशा के पत्रकार साथी बता रहे है उसका एक ज्ञापन तैयार कर संगठन को भेजा जाये साथ ही इस मामले की जांच के लिए जिला कलेक्टर विदिशा को देना जरूरी है।

मौत को लेकर विदिशा के पत्रकारों में रोष 

विदिशा पत्रकारों का आरोप है कि युनुस खान आक्रमक कलमकार थे, उतनी ही खामोशी के साथ बुधवार दोपहर वे दुनिया को अलविदा कह गए। दरअसल 23 दिन पहले उनके साथ हुई मारपीट के बाद वे सदमे में थे। एक जिंदादिल और विद्रोही शख्सियत जिससे कभी किसी ने ऊंची आवाज में बात भी न की हो, उसके साथ सामूहिक रूप से हुई मारपीट से उपजी मन की टूटन उनकी मौत का कारण बन गई। चच्चा की मौत से मीडिया जगत सदमे और आक्रोश में है। 6 जनवरी को एक प्रादेशिक चैनल के संवाददाता और स्थानीय समाचार पत्र नीरसिंधू के संपादक यूनुस खान एक खबर के सिलसिले में बयान लेने सेंट्रल एकेडमी स्कूल पहुंचे थे। स्कूल संचालक डा. प्रेमशंकर शर्मा ने बयान देने की बजाय कमरे में बंद कर अपने स्टूडेंट के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की थी। जिससे वे तीन दिन जिला अस्पताल में भर्ती रहे। घटना के बाद से ही वह सदमे में थे और उन्होंने घर से निकलना लगभग बंद कर दिया था।

बताया जाता है कि मंगलवार रात सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां बुधवार दोपहर दो बजे के आसपास हार्ट अटैक से वे चल बसे। यूनुस खान के साथ मारपीट करने वाले सेंट्रल एकेडमी के संचालक डा. प्रेमशंकर शर्मा पर मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध मीडियाकर्मियों ने मामला दर्ज करने की मांग की है। उनके निधन के बाद गुस्साए मीडियाकर्मियों ने प्रेस क्लब में आपात बैठक कर श्रद्धांजलि दी और उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए कड़ी कार्रवाई की आवाज उठाई। इस संबंध में मीडियाकर्मियों ने एडीशनल एसपी रायसिंह नरवरिया से नए सिरे से मामले की जांच करने और स्कूल संचालक के खिलाफ मारपीट में शामिल हॉस्टल के विद्यार्थियों पर कायमी की मांग की। वहीं जांच की धीमी गति और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल नहीं किए जाने के मामले में सिविल लाइन टीआई कमलेन्द्र कलचुरी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उन्हें सस्पेंड करने की मांग की है। इतना ही नहीं 20 वर्षों तक विदिशा विधानसभा से प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व विधायक मोहरसिंह ठाकुर ने एएसपी रायसिंह नरवरिया से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

 

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