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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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पत्रकारिता समाज को जोड़ने का उपादान है: अश्विनी कुमार मिश्र

"पत्रकारिता कोश" के 19वें संस्करण का विमोचन

मुंबई / लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज भारत की प्रथम मीडिया डायरेक्टरी "पत्रकारिता कोश" के 19वें संस्करण का विमोचन रविवार, 6 जनवरी, 2019 को पत्रकार दिवस पर करीमी लाइब्रेरी, अंजुमन-ए-इस्लाम, मुंबई सीएसटी में संपन्न हुआ. उर्दू जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता निर्भय पथिक के संपादक अश्विनी कुमार मिश्र ने की. इस अवसर पर खाजासाब मुल्ला द्वारा प्रकाशित अल्पसंख्यक आरक्षण रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया.उर्दू जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ख़लील जाहिद के स्वागत वक्तव्य के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ.

अश्विनी कुमार मिश्र ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि पत्रकारिता आज तकनीक पर सवार होकर सूर्य के सातवें घोड़े से भी तेज चल रही है, लेकिन इस दौड़ में हमें समाज का असली दर्द नहीं भूलना चाहिए. हर राजनीतिक दौर में पत्रकारिता और मीडिया पर हमले हुए हैं, लेकिन पत्रकारिता हर संघर्ष से तप कर सोनेकी तरह चमकी है और राष्ट्र की सेवा कर रही है. पत्रकारिता समाज को जोड़ने का उपादान है. यह योग भी है और समास भी. यह ऐसा मंच है जहां मतभिन्नता के बावजूद सभी विचार एक जगह पर संगृहीत होते हैं. इस मंच पर देश के इंद्रधनुषी संस्कृति का दर्शन होता है. यही समग्रता का भाव देश के उठान में सहायक होता है.

समारोह में प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित रोजनामा हिंदुस्तान के संपादक सरफराज आरजू ने कहा कि पत्रकार दिवस पर हिंदी, मराठी, अंग्रेजी, उर्दू, गुजराती, आदि विभिन्न भाषाओं के पत्रकारों को एक सूत्र में जोड़ने का यह सबसे अच्छा प्रयास है और इसके लिए पूरी टीम की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम होगी.

नवभारत टाइम्स के राजनीतिक संपादक अभिमन्यु शितोले ने कहा कि पत्रकारिता कोश के जरिए देश का सम्पूर्ण मीडिया जगत एक दूसरे से जुड़ गया है। एक ही जगह पर साहित्य और पत्रकारिता की अनंत सूचनाएं एकत्रित हो गईं हैं जो अपने आप में एक मिसाल है.

न्यूज इंडिया एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार एवं मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष गुरवीर सिंह ने कहा कि पत्रकारिता कोश एक ऐतिहासिक दस्तावेज है और डिजिटल युग मे भी इसका महत्व है। यह कोश मीडिया का ट्रू कॉलर है. वर्तमान समय में पत्रकार दोधारी तलवार पर खड़ा रहता है. उन्हें अपने मालिक को भी खुश रखना होता है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी होती है.

मराठी दै. शिवनेर के संपादक एवं मुंबई मराठी पत्रकार संघ के अध्यक्ष नरेंद्र वाबले ने कहा कि पत्रकारिता कोश बेहद उपयोगी डायरेक्टरी है और मराठी पत्रकारिता दिवस पर इसका विमोचन कर इसका महत्व और भी बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मीडिया की सबसे बड़ी ताकत उसका कंटेंट होता है उसी प्रकार पत्रकारिता कोश की ताकत इसके संपर्क सूत्र हैं.

बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रमुख (राजभाषा) डॉ. जवाहर कर्नावट ने कहा कि आफताब आलम पिछले 19 वर्षां कोश का संपादन कर रहे हैं और इस साहसिक कार्य के लिए पूरी टीम प्रशंसा के पात्र हैं. उन्होंने विभिन्न देशों की पत्रकारिता यात्रा पर भी अपने विचार व्यक्त किए.

मुंबई मित्र/वृत्त मित्र के संपादक अभिजीत राणे ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता कई प्रकार के संकट से गुजर रहा है. एक तरफ उन्हें रोजी रोटी के लिए नौकरी बचाए रखने की चिंता सताती है तो दूसरी तरफ उन्हें वित्तीय संकट से जूझते हुए भी अपने मिशन को बरकरार रखने की चुनौती होती है. ऐसे संकट के समय में भी आफताब आलम, राजेश विक्रांत और अखिलेश मिश्रा ने लगातार 19वां अंक निकाल कर एक एतिहासिक कार्य किया है.

समारोह में सम्माननीय अतिथि के रूप में सुरेशचंद्र जैन (हिंदी सलाहकार, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लि.), डॉ. वैभव देवगिरकर (मेडिकल डायरेक्टर, हिंदूसभा हॉस्पिटल), दीनदयाल  मुरारका  (अध्यक्ष,  दीनदयाल  मुरारका फाउंडेशन, मुंबई), घनश्याम गुप्ता (महासचिव, जे.बी. शाह मार्केट वेलफेअर एसोसिएशन), यार मोहम्मद (संयुक्त संपादक, सहाफत), डॉ. जनार्दन सिंह (संपादक, भोजपुरिया अमन), वरिष्ठ पत्रकार एवं उर्दू जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जावेद जमाल,राज शर्मा (संपादक, क्राइम रिपोर्टर्स टीवी न्यूज), अनिल गलगली (संपादक, अग्निशिला), सुलेमान फारूकी (राजभाषा अधिकारी, आरसीएफ), वार्ड-64 की नगरसेविका शाहिदा हारून खान उपस्थित थीं.

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