मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

प्रभात खबर के नवसिखुए संपादक की भद्द पिटी

January 14, 2014

मुजफ्फरपुरप्रभात खबर के प्रधान संपादक की आदत है कि वे नवसिखुए संपादको से काम चलाते है। लेकिन मुजफ्फरपुर के सम्पादकीय प्रभारी के मूर्खताभरे निर्णय से अखबार की भद्द पीट रही है। जैसे अपने डी. एन. ई. रॅंक के होते हुये इन्हे संपादकी मिल गयी वैसे ही इन्होने जिलो की कमान सौपनी शुरू कर दी।

पहला प्रयोग इन्होने दरभंगा मे किया। यूनिट को सबसे अधिक राजस्व देनेवाले जिला के प्रभारी को हटाकर यूनिट मॅनेजर को खुश करने के लिये उनके स्वजातीय रिपोर्टर को ब्‍यूरो-चीफ बना डाला। नतीजा यह है कि मात्र छहमाह यह जिला 40 लाख के नुकसान मे है। दूसरी ओर सम्पादकीय कौशल के अभाव मे संस्करण मे गलतियों की बाढ़ आ गई है। सर्क्युलेशन भी इतना गिर गया है कि अब प्रबंधन इसे बाहर का रास्ता दिखाने का मूड बना चुका है। और तो और इसके व्यवहार से आजिज सहयोगी हल्ला-हंगामा को छोड हाथापाई का रुख अपना सकते है। संपादकजी ने दूसरा प्रयोग बापू की कर्मस्थली चम्पारण (बेतिया) मे किया। इन्होने खाद व किरासन के कालाबाजारी मे गले तक डुबे पत्रकारिता के बिरवे को मोतिहारी से ढूंड निकाला और ले जाकर बेतिया मे स्थापित कर दिया। इस बिरवा ने मिट्टी में जड़े जमाना तो दूर वहाँ के रिपोर्टेरो की त्योरियाँ चढ़े देखकर ही अंकुरित होने का ख्याल मन से निकाल फेंका। इसबीच मोतिहारी मे कालाबाजारी और दलाली का धंधा भी मंदा पड़ने लगा। इसलिये ब्यूरोगिरी का पटा फेंका और मोतिहारी मे भास्कर का स्ट्रिंगेर हो गया। शैलेन्दर की तरह प्रमोदजी भी इस शातिर के झांसे मे आ गये। सम्पादकीय विभाग की घोर विफलता को देखते हुये प्रबंधन एक-दो हफ़्ते मे कड़े निर्णय ले सकता है। 

Go Back

सबसे ज्यादा गंध मोतिहारी जिला मे प्रभात खबर टीम ने मचा रक्खा है।इससे बढिया तो बिनोद का जमाना था। कभी-कभार बोटेल-सोटल दे दो तो ठीक नहीं तो मुंह नहीं खोलता था।अब तो जिसको ......धोने का ढंग भी नहीं उसे भी गाँधी बाबा का दरसन चईये।

motihari ka buro&photographer to gandhi-darsan kraye bat hi nahi sunta.

chun-chun kar prabhat khabar ne dalalo ki bharti ki hai.madhubani aur motihari me bina bhugtan ke khabar nahi chhapti.photo chhapwana ho to buro aur photografer ko nagad narayan dena hota hota hai.kahte hai log ki mfp office ko dena hota hai



Comment