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सच कहने पर प्रभात खबर, ब्रजवाशी को कर रहा प्रताड़ित

October 15, 2014

श्रीकांत सौरव। कल इंटरनेट पोर्टल पर सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षकों को भ्रामक जानकारी देने वाली खबर क्या छपी, प्रभात खबर ने अपनी गलती नहीं सुधारी. उल्टे  मुजफ्फरपुर  संस्करण के  रिपोर्टर के द्वारा प्रबंधन के ईशारे पर परिवर्तन प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवाशी को भी परेशान किया जा रहा है. मूलत: मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन के निवासी श्री वंशीधर ने बताया कि आज उनके विद्दालय में स्थानीय संवाददाता को भेजकर उनके बारे में एचएम से पूछताछ की गई.

चूकि सोमवार को पूरे सूबे में भारी बारिश के कारण अहले सुबह से ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति रही. ऐसे में रिपोर्टर के विद्यालय आने का मकसद टार्चर कर डराने धमकाने का था. लेकिन हमारा आंदोलन इससे कमजोर नहीं पड़ने वाला. इस घटना से कभी सरोकारी माने जाने वाले इस अखबार की कलई खुलने लगी है. कि किस तरह यह सरकार के एजेंट के रुप में काम कर रहा है. श्री वंशीधर ने बताया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से इस तरह के दोयम रवैये की उम्मीद नहीं की जा सकती. प्रभात खबर को नियोजित शिक्षकों के हक में खबर नहीं छापनी है तो मत छापे. लेकिन ऐसी ओछी हरकत ना करे. हालांकि उन्होंने प्रदेश के अन्य अखबारों हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, राष्ट्रीय सहारा, सन्मार्ग, आज व ईटीवी, सहारा समय आदि क्षेत्रीय न्यूज चैनलों के प्रति पूरी आस्था जताई. क्योंकि ये मीडिया बैनर शिक्षकों वाली खबर छापने या दिखाने में निष्पक्षता दिखाते व सावधानी बरतते हैं, अफवाह
नहीं फैलाते. 

खबर की पुष्टि के लिए परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी के मो. न. 9934607512 पर संपर्क किया जा सकता है

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बिहार में प्रभात खबर के दरभंगा ब्यूरो चीफ अमित रंजन की नौकरी चली गयी. प्रभात खबर के बिहार संपादक रहे स्वयं प्रकाश एवं प्रभात खबर के समाचार समन्वयक रहे माधवेंद्र के करीबी माने जाने वाले अमित संस्थान के नये कलेवर और तेवर में काम नहीं कर पाये. सो, संपादक ने उन्हें हटा दिया. उनके जगह पर समस्तीपुर में नीचले पायदान पर काम करने वाले विनोद गिरी पर संपादक की विशेष कृपा दृष्टि हो गयी. विनोद को दरभंगा का नया ब्यूरो चीफ बनाया गया है. कहा तो यह भी जा रहा है कि अमित से दरभंगा का विजनेस नहीं संभल रहा था. जबकि बिजनेस के लिए हिंदुस्तान के डा देवेंद्र त्रिपाठी को पिछले माह में हीं प्रभात खबर ने रुलर विजनेस एसोसिएट के रुप में ज्वाइन कराया था. डा त्रिपाठी भी अमित की कुर्सी नहीं बचा सके. हालांकि भाष्कर के उत्तर बिहार में आने की धमक मात्र के एहसास को लेकर प्रभात खबर में खलबली मची है.



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