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“गौरैया” संरक्षण को लेकर ‘सेव स्पैरो’ ऐप हुआ लांच

विश्व गौरेया दिवस की पूर्व संध्या पर पीआईबी के अपर महानिदेशक ने किया लांच 

पटना/ गौरैया-संरक्षण की दिशा में, वर्ष 2007 से सक्रिय संजय कुमार ने पहल को और तेज करने के लिए ‘सेव स्पैरो’ ऐप लाया है। “सेव स्पैरो” ऐप का विश्व गौरेया दिवस (20 मार्च) की पूर्व संध्या पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, प्रेस इंफोरमेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक एस. के. मालवीय, दूरदर्शन समाचार, बिहार  के निदेशक विजय कुमार, पी आई बी के निदेशक दिनेश कुमार और सहायक निदेशक तथा सेव स्पैरो ऐप के डेवेलपर संजय कुमार ने संयुक्त रूप से कर्पूरी ठाकुर सदन, पटना में लाँच किया।

इस अवसर पर पीआईबी के अपर महानिदेशक एस. के. मालवीय ने कहा कि  कभी इंसानों के घरों में अपना बसेरा बनाने वाली ‘गौरैया’ आज विलुप्ति के कगार पर है। कहीं यह दिखती हैं तो कहीं विलुप्त हो चुकी है। विश्वभर में घर-आंगन में चहकने-फूदकने वाली छोटी सी प्यारी चिड़िया गौरैया की आबादी में 60 से 80  फीसदी तक की कमी आई है। उन्होनें कहा कि गौरैया सरंक्षण की दिशा में संजय कुमार द्वारा लाया गया यह ऐप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मौके पर दूरदर्शन समाचार, बिहार के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता को लेकर दिल्ली और बिहार सरकार ने गौरैया को राजकीय पक्षी घोषित कर रखा है।  जिन-जिन इलाकों से गौरैया रूठ कर चली गयी है वहां दूबारा बुलाने के लिए देश भर में पहल चल रही है। इसके सरंक्षण की पहल में हमें आगे आना होगा।

पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार ने कहा छोटे आकार वाली खूबसूरत गौरैया पक्षी का जिक्र आते ही बचपन की याद आ जाती है। कभी इसका बसेरा इंसानों के घर-आंगन में हुआ करता था। लेकिन पर्यावरण को ठेंगा दिखाते हुए कंक्रीट के जगंल में तब्दील होते शहर और फिर गांव ने इन्हें हमसे दूर कर दिया है।

गौरैया संरक्षण के लिए वर्षों से काम कर रहे पीआईबी के सहायक निदेशक संजय कुमार ने  कहा कि गौरैया सरंक्षण को एक अभियान देने की पहल करते हुए सेव स्पौरो  ऐप लेकर आए हैं, जिसमें गौरैया संरक्षण से जुड़ी सभी जानकारियाँ दी गई हैं। उन्होनें बताया कि ‘सेव स्पैरो’ ऐप के माध्यम से देशभर में गौरैया की स्थिति, उनके आहार, संरक्षण की विधियाँ, घोंसले की व्यवस्था आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।  साथ ही ऐप पर जाकर गौरैया संरक्षण को लेकर एसएमएस के माध्यम से सवाल भी पूछ सकते हैं। श्री कुमार ने बताया कि सेव स्पौरो ऐप को मनीष कुमार ने डिजाइन किया है। सभी कंटेन्ट संजय कुमार का है।

‘सेव स्पैरो’ ऐप खुलते ही गौरैया की चींचीं की आवाज के साथ ..’अभी मैं जिन्दा हूँ ....गौरैया’ पेज खुलता है और लोगों से अपील करती है, आइये रूठे ‘गौरैया’ को बुलाने की करें पहल। मुख्य पृष्ठ पर 15 विभिन्न आइकन बने हैं, जिसे खोलते ही गौरैया संरक्षण के संदेश यानी गौरैया के बारे में सुंदर तस्वीरों के साथ पढ़ने को मिलता है। अभी मैं जिन्दा हूं, विलुप्ति, याद आता है बचपन, आइये करें पहल, घोंसला, संरक्षण, कम होती संख्या, कविता, विलुप्ति के कारण, जीवन 3 वर्ष, रखिये दाना पानी, सृजन, आहार, पानी की तलाश में और संरक्षण आइकन के जरिये सहज शब्दों में गौरैया की विलुप्ति की दास्तान भी है। इसके अलावे हमसे पूछे सवाल, मेरी बात, वालपेपर, रिंगटोन आदि भी है। ऐप से कोई भी रिंगटोन या वालपेपर को डाउनलोड कर अपने मोबाइल में निःशुल्क प्रयोग कर सकता है।  

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