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चकाचौंध के साथ 47 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) की शुरूआत

November 20, 2016

महोत्सव में 90 देशों की करीब 300 फिल्में दिखाई जाएंगी

गोवा/47 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आज गोवा में उत्सव, चकाचौंध और खुशी के साथ उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री और शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री श्री वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर, गोवा के राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा, गोवा के मुख्यमंत्री श्री लक्ष्मीकांत पारसेकर, और आयुष राज्य मंत्री श्री श्रीपद यशो नाइक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव श्री अजय मित्तल, गोवा के मुख्य सचिव श्री आर के श्रीवास्तव, महोत्सव के निदेशक श्री सी सेंथिल राजन, मनोरंजन समाज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अमय अभ्यंकर इत्यादि ने इस महोत्सव में दीप प्रज्वलित किया।

मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने गायक, अभिनेता और निर्माता के रूप में भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय, असाधारण और विशिष्ट योगदान के लिए महान गायक पद्म विभूषण एस पी बाला बालासुब्रमण्यम को“वर्ष 2016 के शताब्दी भारतीय फिल्मी हस्ती”  से सम्मानित किया। वे इस देश के महान गायकों में से एक हैं और उनके नाम पर 40,000 से अधिक गीतों की रिकॉर्डिंग दर्ज है। इस अवसर पर बोलते हुए पर एस.पी. बालासुब्रमण्यम ने यह पुरस्कार अपनी मां और सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों को समर्पित किया।

इस अवसर पर उद्घाटन समारोह में मास्टर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य द्वारा निर्देशित  भारतीय सिनेमा में महिलाओं के योगदान और यात्रा की थीम “महिला के लिए गीत” पर नृत्य के जरिए एक मनोरम प्रस्तुति पेश की गई। इस नृत्य में एक सपने देखने वाली, कट्टरपंथी, नेता, निर्माता, योद्धा, चुनौती स्वीकार करने वाली और बदलाव के लिए अग्रसर रहने वाली महिला के रूप में भारतीय सिनेमा में महिलाओं के योगदान की विकास यात्रा को चित्रित किया।पृष्ठभूमि में उस दौर के जीवन एवं सिनेमा तथा मंच पर प्रस्तुतियों के माध्यम से पिछले दशक में महिलाओं के योगदान एवं बदलाव को पुनः प्रस्तुत किया गया। 

इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय जूरी के सदस्यों (इवान राहगीर, लैरी स्मिथ, लार्डन जाफरोनोविक, नागेश कुकुनूर और लीला किलानी) और भारतीय पैनोरमा के जूरी सदस्यों नाना पाटेकर, मुकेश खन्ना, मृणाल कुलकर्णी, दिव्या दत्ता, सुधीर मिश्रा, नागेश कुकुनूर, प्रसेनजीत चटर्जी और गौतम घोष आदि अन्य गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया।

इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत में सिनेमा सीमाओं से परे एक धर्म है और यह भारतीय जनता के लिए अफीम की तरह है।स्वभाव से सिनेमा सार्वभौमिक भाषा की मांग करता है जो देश से भी परे लोगों को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने फिल्म जगत के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप ऐसी फिल्में बनायें जो मजबूत सामाजिक संदेश दे और सिनेमा की शक्ति का प्रयोग मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन और ज्ञान के लिए भी करें। 

कोरिया के राजदूत महामहिम चो ह्यून ने आईएफएफआई 2016 में भागीदार देश की तरफ से प्रतिनिधित्व किया एवं कोरिया सरकार की तरफ से भारत को बधाई दी तथा 47 वें आईएफएफआई के सफलता की कामना करते हुए कहा कि आईएफएफआई 2016 दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी बढ़ाने में सहायक होगा। इस महोत्सव में कोरिया इस वर्ष का फोकस देश है। 

मुख्य अतिथि ‘शोले’ फिल्म के निर्माता मशहूर फिल्मी हस्ती रमेश सिप्पी ने अंतरराष्ट्रीय रूप से विख्‍यात कोरियाई फिल्म निर्देशक और लेखक इम नोन ताइक को प्रतिष्ठित लाइफटाईम अचीवमेंट पुरस्‍कार से सम्मानित किया। अपने लंबे और शानदार कैरियर और कोरियाई विषयों पर अपने उत्‍कृष्‍ट कार्यों के लिए उन्‍हें कोरियाई सिनेमा का जनक माना जाता है तथा इससे पहले भी इम नोन ताइक को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।   

आईएफएफआई 2016 फिल्म, टीवी एवं ऑडियो-वीडियो संचार के अंतरराष्ट्रीय परिषद (आईसीएफटी), पेरिस तथा यूनेस्को के सहयोग से शांति, सहिष्णुता और अहिंसा के विचारों को प्रस्तुत करने वाली फिल्म को “आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल” से सम्मानित करेगी।  

इस महोत्सव की शुरूआत महान पोलिश लेखक एवं निर्देशक अन्द्रेज वाजदा की फिल्म “ऑफ्टरइमेज”से हुई। यह फिल्म महान चित्रकार ब्लादिस्लॉव स्ट्रेजिमेंस्की के जीवन पर आधारित है।

आईएफएफआई-2016 इस साल निधन हुए पोलिश फिल्म निर्माता अन्द्रेज वाजदा और ईरानी  फिल्मकार अब्बास कियारोस्टमी दोनों को उनकी स्मृति में एक विशेष श्रद्धांजलि भी देगा। 

47 वें आईएफएफआई-2016 सुगम्य भारत अभियान के तहत विशेष ऑडियो वर्णित तकनीक के जरिए विशेष रूप से विकलांग बच्चों के लिए तीन फिल्में भी प्रस्तुत (दिखायेगा) करेगा।यह प्रस्तुति ‘यूनेस्को’और ‘सक्षम’ के सहयोग से की जायेगी।

सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से प्रभावित होकर आईएफएफआई 2016 स्वच्छ भारत अभियान की थीम पर 20 पुरस्कृत लघु फिल्मों पर एक प्रस्तुति भी पेश करेगी।

47 वें आईएफएफआई 2016 में दुनिया भर के फिल्मों के प्रदर्शन के अलावा वृत्तचित्र फिल्म बनाने, संपादन, कला निर्देशन, सिनेमेटोग्राफी, वीएफएक्स और एनिमेशन तथा एक्शन निर्देशन पर कार्यशालाएं एवं कला क्षेत्र की मशहूर हस्तियों द्वारा बात-चीत भी आयोजित की जायेगी।

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