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पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

December 20, 2017

  कालेज ऑफ कामर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना में तीन दिवसीय ‘स्ट्राइड’का आयोजन।

 विभाग के ही स्टॉल पर लगी गौरैया’ संरक्षण का संदेश  देती संजय कुमार की फोटो  प्रदर्शनी।

पटना। पत्रकारिता विभाग के बनाये गये न्यूज रूम, पत्र पत्रिकाओं के लेआट,इन हॉउस पत्रिका सामानांतर और मीडिया के विभिन्न स्वरूपों के साथ ही लेखक पत्रकार संजय कुमार की फोटो प्रदर्शनी ‘मैं जिंदा हूँ.....गौरैया’ कालेज ऑफ कामर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के तीन दिवसीय ‘स्ट्राइड’ कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बना है।

शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने आज 20 दिसम्बर को महाविद्यालय में तीन दिवसीय स्ट्राइड 2017 जनविस्तार सेवा कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अध्यक्षता कुलपति कमर अहसन ने किया। इस तीन दिवसीय स्ट्राइड कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय के 24 पारम्परिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रो की ओर से आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है।

प्रदर्शनी में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र बना है । यहाँ लगे गौरैया फोटो प्रदर्शनी को देखते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा है कि राजकीय पक्षी ‘गौरैया’ का बसेरा कभी इंसानों के घर-आंगन में  हुआ  करता था। लेकिन अब यह बहुत कम दिखती है,जरूरत है इसके संरक्षण की।

प्रेस इन्फोर्मेशन ब्यूरो, पटना के सहायक निदेशक और लेखक-पत्रकार संजय कुमार द्वारा खींची गौरैया की फोटो प्रदर्शनी ‘मैं जिंदा हूँ.....गौरैया’ का उद्धाटन करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि गौरैया की संख्या में कमी आई है जो चिंता का विषय है। ऐसे में संजय कुमार की फोटो प्रर्दशनी गौरैया’ संरक्षण का संदेश देती है। 

मौके पर कालेज के प्राचार्य प्रो. डा. जैनेन्द्र कुमार ने किया कहा कि छोटे आकार वाली खूबसूरत  गौरैया  पक्षी का ज्रिक आते ही बचपन की याद आ जाती है। हमें इसके बचाव के उपाय करने होंगे।  पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के काडिनेटर प्रो.डॉ तारिक फातमी ने कहा कि संजय कुमार की यह प्रदर्शनी  गौरैया संरक्षण  के प्रति जागरूकता लाने में अहम विशेष भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि कालेज और विभाग की कोशिश है कि पयार्वरण को बचाने की हर प्रयास हो इसलिए यह पहल की गई है।

इस अवसर पर लेखक -पत्रकार  संजय कुमार ने कहा कि  इस फोटो प्रदर्शनी का  मकसद लोगों को गौरैया  के प्रति संवेदनशील  बनाना  है ताकि विलुप्त होती इस नन्हीं सी जान का संरक्षण  हो सकें। श्री कुमार ने कहा कि घर-आंगन में  चहकने-फूदकने  वाली छोटी सी  प्यारी चिड़िया गौरैया की आबादी में 60 से 80 फीसदी तक की कमी आई है।

विलुप्त होती ‘गौरैय’ की  तस्वीरों की तीन  दिवसीय  फोटो प्रदर्शनी ‘‘मैं जिंदा हूँ.....गौरैया’’, कालेज ऑफ कामर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और सी आर डी एफ के सहयोग से  आयोजित की गयी है। गौरैया की  विभिन्न  अदाओं को समेटे फोटो  प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कुल 30 फोटो अलग-अलग अदा में है। फोटो के साथ कैप्शन भी दिया गया है। कैप्शन को काव्य शैली में दिनेश कुमार ने लिखी है जो लोगों को अपनी ओर खींच रही है।

मौके पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा और कालेज के प्राचार्य प्रो. डा. जैनेन्द्र कुमार ने पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र-छात्राओं की ओर से मीडिया को फोकस कर लगायी गई प्रदर्शनी को देखा और सराहा।

इस अवसर पर कालेज ऑफ कामर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र-छात्राएं और सी आर डी एफ के साकिब जिया,इमरान,लीना सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

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