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जागरण के कथित अवैध मुंगेर संस्करण के मामले में जांच का आदेश

बिहार सरकार के सचिव आतीश चन्द्रा ने जांच एक माह में पूरा करने का दिया आदेश

मुंगेर। बिहार सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार आतीश चन्द्रा ने मुकदमा संख्या- 424110108021700412 । 2 ए में मुंगेर के लोक प्राधिकार सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी के. के. उपाध्याय को दैनिक जागरण अखबार के मुंगेर के लिए प्रकाशित कथित अवैध ‘‘मुंगेर संस्करण‘‘ के मामले में एक माह में जांच  रिपोर्ट राज्य सचिव को प्रेषित करने का आदेश जारी किया है । 

सचिव सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार आतीश चन्द्रा ने उपयुक्त आदेश 08 सितम्बर 2017 को पटना में अपने कार्यालय कक्ष में परिवादी श्रीकृष्ण प्रसाद ( अधिवक्ता) के पक्ष को सुनने के बाद जारी किया । बहस में लोक प्राधिकार सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी के. के. उपाध्याय भी उपस्थित थे ।

सचिव आतीश चन्द्रा ने अपने आदेश में लिखा है कि -‘ बिहार लोक शिकायत निवारण कानून के प्रावधान के आलोक में मुंगेर के लोक प्राधिकार सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी को आदेश दिया जाता है कि  वे मुंगेर में पाठकों के बीच वितरित दैनिक जागरण के कथित अवैध संस्करण के आरोप की जांच करें । जांच के दौरान मुंगेर के पूर्व जिला पदाधिकारी कुलदीप नारायण की जांच रिपोर्ट और प्रेस एण्ड रजिस्ट्र्ेशन ऑफ़ बुक्स् एक्ट के प्रावधानों को भी जांच में दृष्टिगत रखें । जांच रिपोर्ट एक माह में सुपुर्द करें ।‘‘

बहस में परिवादी श्रीकृष्ण प्रसाद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 के 20 अप्रैल से प्रबंधन दैनिक जागरण समाचार पत्र प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन ऑफ़ बुक्स् एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए दैनिक जागरण के मुंगेर संस्करण को वैध घोषित करते हुए छद्मपूर्वक मुंगेर संस्करण को प्रकाशित कर रहे हैं जो सही नहीं है, क्योंकि उक्त समाचार पत्र भागलपुर संस्करण हेतु निबंधित है ,न कि मुंगेर के लिए ।

अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने सचिव को यह भी सूचित किया कि दैनिक जागरण प्रबंधन पूरे बिहार में 38 में 35 जिलों में जिलाबार अवैध संस्करण छापकर अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन प्रकाशित कर सरकारी खजाना को चूना लगा रहा है ।

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