मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts : "पत्रिका "

पत्रिका ‘समागम’ 14वें वर्ष में

February 9, 2014

समाज, संचार एवं सिनेमा पर केन्द्रित अंक जारी

भोपाल। सिनेमा एवं मीडिया पर केन्द्रित भोपाल से प्रकाशित मासिक शोध पत्रिका समागम अपने निरंतर प्रकाशन के 13 वर्ष पूर्ण कर 14वें वर्ष में प्रवेश कर गयी है। शोध पत्रिका समागम…

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शोध पत्रिका समागम 14वें वर्ष में

January 26, 2014

मनोज कुमार। तेरह वर्ष पूर्व जब हमने भोपाल से एक अनाम सी मीडिया एवं सिनेमा पर केन्द्रित द्विभाषी मासिक पत्रिका समागम का प्रकाशन आरंभ किया था तब इसकी निरंतरता को लेकर मन में संदेह था लेकिन संकल्प था कि कोशिश होगी कि प्रकाशन निरंतर बना रहे. हम अपने संकल्प पर कायम रहे तो आपके सहयोग, स्…

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युवाओं पर केंद्रित नई पत्रिका “चेंज 4 यू”

January 21, 2014

‘चेंज 4 यू’ बिहार के बदलते मिजाज को फोकस करता मंथली यूथ बेस्ड मैगजीन है. यह आज के युवाओं पर केन्द्रित है। नए ज़माने के साथ यहाँ के लोगों के बदलते और बुनते हुए नए सपनों, पुरानी परम्पराओं और आने वाले कल की बेहतरी के लिए एक नयी लकीर खींचने की छोटी सी कोशिश है –  चेंज 4 यू. …

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'हिन्‍दी चेतना' का जनवरी-मार्च 2014 अंक उपलब्‍ध

January 10, 2014

अब यह भारत में भी प्रकाशित 

संरक्षक एवं प्रमुख सम्‍पादक श्‍याम त्रिपाठी, तथा सम्‍पादक डॉ. सुधा ओम ढींगरा के सम्‍पादन में कैनेडा से प्रकाशित हिन्दी प्रचारणी सभा की त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका 'हिन्‍दी चेतना' का जनवरी-मार्च 2014 अंक अब उपलब्‍ध है।…

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‘रेवान्त’ का जुलाई-दिसम्बर 2013 अंक प्रकाशित

January 7, 2014

लखनऊ। ‘रेवान्त’  का  जुलाई-दिसम्बर 2013 अंक प्रकाशित होगया है । इस  नये अंक में आप पढ़ सकते हैं, संपादकीय के तहत शोक को शक्ति में बदलना है तय करो, किस ओर हो तुम ?  धरोहर में प्रेमचंद का 1930 में प्रकाशित ‘हंस’ के पहले अंक का संपादकीय ‘हंस-वाणी’ और राजेन्द्र यादव का 1986 में ‘हंस’ के पुर्नप्र…

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बदलाव के बाईस बरस पर मीडिया विमर्श का दूसरा अंक

November 10, 2013

मीडिया विमर्श अपने दिसंबर -2013 के अंक के साथ आठवें साल में प्रवेश कर रही है। एक वैचारिक त्रैमासिक के रूप में मीडिया प्राध्यापकों,छात्रों और मीडिया प्रोफेशनल्स के बीच पत्रिका की एक खास पहचान बन चुकी है। पत्रिका का यह अंक भी भूमंडलीकरण के प्रभावों का आकलन कर रहा है। इस अंक थीम है - 'बदलाव के बाईस बरस…

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नई सदी की हिन्दी कहानी पर केन्द्रित हिन्दी चेतना का विशेषांक

October 3, 2013

हिन्दी प्रचारिणी सभा कैनेडा की त्रैमासिक पत्रिका के अक्‍टूबर-दिसंबर 2013 अंक के अतिथि सम्‍पादक हैं पंकज सुबीर

पिछले 13 वर्ष…

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चौरी चौरा विद्रोह पर "आजकल" का अक्टूबर अंक

September 27, 2013

लीना / साहित्य जगत की चर्चित मासिक पत्रिका ‘‘आजकल’’ का अक्टूबर 2013 का अंक चर्चे में है। “चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता संग्राम’’ पर सुभाष चन्द्र कुशवाहा का आलेख जहाँ  इतिहास की ओर ले जाता है वहीं अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारतीयों के विद्राही तेवर को रेखांकित करता है। इस अंक में दिनेश चन्द्…

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समागम का सितम्बर अंक हिन्दी पर

September 10, 2013

मीडिया एवं सिनेमा की द्विभाषी शोध पत्रिका है समागम

पत्रकारिता एवं मीडिया में हिन्दी की जो दुर्दशा हो रही है और बोलियों के समक्ष जो संकट उपजा है, उसे केन्द्र में रखकर शोध पत्रिका समागम का सितम्बर 2013 का अंक अब आपके …

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मीडिया के बदलाव का बाईस बरस

August 31, 2013

"मीडिया विमर्श " का नया अंक

मीडिया विमर्श का नया अंक (सितंबर,2013) बदलाव के बाईस बरस (1990-2012) पर केंद्रित है। इसमें उदारीकरण और भूमंडलीकरण के बाद 1990 से 2012 के बीच मीडिया और समाज जीवन में आए बदलावों पर महत्वपूर्ण लेखकों की टिप्पणियां हैं। ताजा अंक में श…

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बनास जन का नया अंक

July 22, 2013

इस अंक में समकालीन काव्य परिदृश्य पर कहानियां भी

सवा दो सौ पृष्ठों के इस अंक में समकालीन काव्य परिदृश्य पर पंकज चतुर्वेदी, अशोक कुमार पांडे और पंकज पराशर के आलेखों के साथ तीन उम्दा कहानियां भी पढी जा सकती हैं। कहानियां …

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‘रेवान्त’ का अप्रैल-जून अंक प्रकाशित

June 30, 2013

लखनऊ साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में हर दौर में लखनऊ ने अपना योगदान किया है। आज भी यहां से कई पत्रिकाएं निकल रही हैं जिनमें तदभव, …

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