मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts : "फेसबुक से "

मुद्राराक्षस अस्वस्थ

October 14, 2015

आज मुद्राराक्षस का जन सम्मान होना था . सारी तैयारिया पूरी हो चुकी थी. तभी पता चला कि उनकी तबीयत ख़राब हो गई है. हम भागते हुए हॉल के बहार आयें . मुद्रा जी गाड़ी में अचेत से पड़े थे. साँस लेने में उन्हें परेशानी हो रही थी . उन्हें तत्काल मेडिकल सहायता की जरूरत थी . उसी गाडी में उन्हें बलरामपुर अस्पता…

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बाहुबली' और 'बजरंगी भाईजान ' का ब्राह्मणवादी नजरिया

August 8, 2015

राजेश कुमार/ आजकल इन दोनों फिल्मो ने भारतीय दर्शको के बीच ग़दर काट रखा है। ये लोगो के जेब और दिमाग दोनों पर जमकर हाथ साफ़ कर रहे है।  मुन्नी के गोरे रंग को देखकर करिश्मा का पिता कहता है कि जरूर यह लड़की किसी ब्राह्मण की होगी और जब मुन्नी को गोश्त खाते देखता है तो कहता है कि यह ल…

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पत्रकारिता का अपराधीकरण

June 25, 2015

हेमंत कुमार। राजनीति का अपराधीकरण और अपराध का राजनीतिकरण इस देश में विमर्श का बड़ा मुद्दा रहा है. लेकिन पत्रकारिता के अपराधीकरण पर कभी कोई चर्चा नहीं होती. हां,शोर तब मचता है जब कोई पत्रकार वसूली या भयादोहन करते, अपराधियों या पुलिस के साथ मिलकर अपहरण,फिरौती या रंगदारी जैसे सं…

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शहीद पत्रकार जगेंद्र सिंह के बहाने

June 10, 2015

एम अफसर खान/ लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला मीडिया आज बेचैन है, मौन है! लोकतंत्र का पहरुवा आज खुद की पहरेदारी करने में असमर्थ नजर आ रहा है! आजादी के 60 साल से ज्यादा का अरसा बीत गया मगर असली आजादी मृग मरीचिका जैसी है। शाहजहाँपुर के स्वतंत्र (सोशल मीडिया) पत्रकार जगेंद्र सिंह…

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मेरी आत्मा रो उठी !

April 2, 2015

नवेन्दु / पहले नेता- मंत्री पत्रकारों से मिलने का समय मांगते थे। अब पत्रकार नेता मंत्री के आगे पीछे करते हैं।...

बड़ी फज़ीहत…

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क्या इंटरव्यू देने के पैसे मुझे लोकमत समाचार देगा?

March 1, 2015

स्वतंत्र मिश्रलगभग नौ-दस साल पुरानी बात है. मैं फ्रीलांसर था.लोकमत समाचार के लिए इयर-इंडर (साल की घटनाओं का लेखा जोखा ) के लिए कला-साहित्य पर टिपण्णी के लिए मैंने प्रयाग शुक्ल जी को फ़ोन किया. उन्होंने चार-पांच बार अपनी व्यस्तता बताई फिर बहुत कुछ फ़ोन पर पुछा. मतलब न-नुकु…

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21 वीं वर्षगाँठ पर आयोजित विशेष एपिसोड!

December 8, 2014

उदय प्रकाश / दोस्तो, क्या आप रजत शर्मा जी के चैनल इंडिया टीवी को इस समय देख रहे हैं ? इसके 21 वीं वर्षगाँठ पर आयोजित विशेष एपिसोड में। …

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मीडिया का दोहरा नजरिया

September 4, 2014

अरविंद शेष। बांसुरी और ढोल बजा कर "लोगों" का दिल जीतने वाले हमारे प्रधानमंत्री जी ने तो सचमुच "सबका" मन मोह लिया होगा! लेकिन जो मीडिया और लोग प्रधानमंत्री जी के बिल्कुल बेफिक्र और अनौपचारिक होकर बांसुरी और ढोल बजाने को उनके "महान" होने के बतौर पेश कर रहा है, उसी ने इस देश के कुछ …

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उर्मिला पँवार के साक्षात्कार पर कैलाश दहिया ने उठाया सवाल

August 27, 2014

कैलाश दहिया/ युद्धरत आम आदमी’ नामक पत्रिका के जुलाई 2014 अंक में उर्मिला पँवार का साक्षात्कार छपा है। यह साक्षात्कार ‘स्त्री काल’ नामक नेट पत्रिका पर भी देखा जा सकता है। इसमें एक सवाल आजीवक धर्म को लेकर पूछा गया है। जो यहाँ दिया जा रहा है। …

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ऐसे में मीडिया की बेशर्मी पर सवाल तो उठेंगे साहब!

June 17, 2014

मिशन बिहार टेन्योर ?

इर्शादुल हक़। एक पते की बात बताता हूं. कुछ लोग ऐतराज कर सकते हैं. पर यथार्थ से मुंह मोड़ने वालों को देर-सबेर यह बात समझ आयेगी.…

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पत्रकार बेरोजगार हो गये !

May 21, 2014

हरियाली दिखाने को मिल रही ट्रेनिंग, केन्द्र सरकार से जुड़ी खबरे मैंनेजमेन्ट तय़ करेगी !

संतोष सिंह। आज से हमलोग पूरी तौर पर बेरोजगार हो गये है…

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अब ठीकरा पत्रकारों के सर फोड़, उनकी कुर्सियां बदलने की तैयारी

May 18, 2014

धीरज भारद्वाज/ नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जीत में मीडिया के कुछ घरानों ने जमकर उनके खिलाफ मोर्चा खोला. अच्छा लगता अगर ये मोदी सरकार के गठन के बाद भी अपने तेवरों पर कायम रहते और सरकार के क्रियाकलापों पर 'लोकतंत्र के पहरेदार' की हैसियत से नजर रखते. विपक्ष के मटियामेट होने की स्थि…

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एक सवाल भी ढंग का 'फ्रेम' करना नहीं आता!

May 3, 2014

पत्रकारिता का यह कैसा दौर?

रामजी तिवारी। पत्रकारिता का यह कैसा दौर है, जिसमें आपको एक सवाल भी ढंग का 'फ्रेम' करने नहीं आता | जिसमें आपके पास इतना भी साहस नहीं है, कि सामने वाले की आँखों में आँखे डालकर उसके सामने आईना रख दे | जिसमें यह …

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न्यूज चैनलों का मानसिक पिछड़ापन

April 30, 2014

विनीत कुमार/ स्त्री-पुरूष संबंधों को लेकर चलनेवाली स्टोरी में न्यूज चैनलों का मानसिक पिछड़ापन साफ दिखाई देता है. दिग्विजय सिंह और अमृता राय को लेकर आजतक ने जिस तरह से स्टोरी प्रसारित की और "अमृता राय का पति कौन" शीर्षक से पैकेज चलाए, बेहद शर्मनाक है. इन्हीं मौके पर आपको अंदाजा लग…

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खबर का स्‍पेस सिर्फ भीड़ और बिकने की क्षमता पर निर्भर करना चाहिए?

April 23, 2014

साथी, भगाना की लड़कियां अब भी आपकी राह देख रहीं हैं!
प्रमोद रंजन / कल दोपहर में हरियाणा भवन, दिल्‍ली पर भगणा बलात्‍कार पीडितों के आंदोलन का बहिष्‍कार करने वाले इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया संस्‍थानों के दफ्तर से…

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पत्रकारों को ठगने में लालू और नीतीश एक........

April 16, 2014

प्रवीण बागी / पत्रकार मित्रों ,
याद है आपको पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना ! नीतीश सरकार ने जिसे बड़े धूम धड़ाके से शुरू किया था। सरकार की अन्य घोषणाओं की तरह यह भी एक छलावा ही साबित हुआ। बिना प्रक्रिया पूरी किये सरकार ने आनन- फानन में पत्रकारों से 1796 रू…

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सरकारी नियंत्रण से मुक्त मीडिया जरूरी नहीं कि स्वतंत्र ही हो !

April 5, 2014

रामजी तिवारी। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सिर्फ इस बात से नहीं आंकी जा सकती है कि वह सरकारी नियंत्रण के अधीन है या कि उससे बाहर | बेशक ये एक पैमाना हो सकता है, लेकिन दुनिया का अनुभव हमें यह बताता है कि उसके सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने के बाद भी इस बात की गारंटी नहीं दी…

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कंवल भारती को प्रमोद रंजन का उत्तर

February 26, 2014

फेसबुक पर टिप्पणियों को लेकर तकरार

कंवल भारती जी ने गत 25 फरवरी, 2014 को अपने फेसबुक वॉल पर मेरे बारे में एक बेहूदा टिप्‍पणी की है।  बाद में यह टिप्‍पणी भडास फॉर मीडिया पर भी दिखी।  कंवल भारती ने लिखा कि '' प्रमोद रंजन जैसे भाजपा समर्थक पत्र…

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विज्ञापन न देने वाले कवरेज क्षेत्र से बाहर!

January 31, 2014

रमेश यादव। गाँव की जनता अख़बार पढ़कर और टीवी देखकर वोट नहीं देती। प्राइवेट चैनलों की पहुँच शहरी क्षेत्रों, उससे सटे हुए क़स्बों तक सीमित है। सुदूर तक अभी भी वंचित हैं। दूरदर्शन की पहुँच भी सभी गाँवों में नहीं है। जहाँ है, वहां सभी के पास नहीं है। जनता किसको वोट देती है ? क्यों देती ह…

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तो हिंदी भाषी इसलिए पढ़ें अंग्रेजी अखबार ...

January 22, 2014

श्रीकांत सौरव। 'ई हिंदी अखबरवा सब पगला गया है का हो? शिक्षक नियोजन में संशोधन के न्यूज के लिए तीनों पेपरवा हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, प्रभात खबर पलट लिए. तीनों ससुरा मुखे पृष्ठ पर खबर दिया है. लेकिन पढ़े के बाद कुछो भेजा में नहीं घुसा. बुझा रहा है जानकारी देने से जादा नितीश का …

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