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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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डीजीपी ने कहा पत्रकारों को मारो ना, पुलिस को दुत्कारो ना

जाली पोर्टल संचालकों पर होगी कार्रवाई

पटना/ पत्रकारिता के नाम पर पोर्टल खोलकर समाज में भ्रामक एवम विद्वेषपूर्ण खबर की दुकानदारी नहीं चलेगी। पीत पत्रकारिता  एवम जाली पोर्टल संचालकों तथा रिपोर्टरों की पहचान कर उन पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी। बिहार के पुलिस महानिदेशक  (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडे ने यह ऐलान किया है।

डीजीपी श्री पांडे ने कहा कि पत्रकार प्रजातंत्र के स्तम्भ है। पत्रकारों पर कोई भी पुलिस वाला हाथ नहीं उठाये। पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मी सम्मानजनक व्यवहार करें। श्री पांडे ने पत्रकारों से गुजारिश किया कि अपना परिचय पत्र साथ लेकर चलें। झुंड में नहीं निकले। लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। परिचय पत्र मांगने पर पुलिसकर्मी को दिखाएं। उनसे उलझे नहीं। वे जान हथेली पर लेकर काफी तनाव में काम कर रहे हैं। पुलिस को भी सम्मान मिलना चाहिए। डीजीपी ने कहा कि जिम्मेदार पत्रकार कभी अफवाह एवम विदेवशपूर्ण खबर नहीं चलाता। डीजीपी ने पुलिस कर्मियों का आह्वान किया पत्रकारों से दुर्व्यवहार नही करें। राजधानी पटना के खगोल ,मुंगेर ,लखीसराय इत्यादि जगहों पर पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट की छिटपुट घटना को लेकर बिहार प्रेस मेंस यूनियन के अध्यक्ष एवं वरीय पत्रकार एस एन श्याम लगातार डीजीपी से संवाद करते रहे। डीजीपी ने बिहार प्रेस मेन्स यूनियन  के संवाद को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई कर  पुलिस जनों से सार्वजनिक अपील की। बिहार प्रेस मेन्स यूनियन डीजीपी श्री पांडे के पत्रकारों के प्रति संवेदनशीलता के लिए आभार प्रकट करता है। डीजीपी ने खुलकर कहा कि यदि किसी पत्रकार के साथ किसी भी प्रकार की घटना होती है तो वे सीधे उन्हें बताएं उसका संज्ञान लिया जाएगा और कार्रवाई होगी।

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