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परिवर्तन पत्रिका के “मीणी भाषा और साहित्य" विशेषांक का विमोचन

पत्रिका का यह 19 वां अंक

हिंदुस्तानी भाषा के हिमायती महात्मा गांधी की जयंती और अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर को टीएमएस और परिवर्तन पत्रिका के तत्वावधान में परिवर्तन पत्रिका के 19 वें अंक का विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। साहित्य और कला के लिए समर्पित परिवर्तन पत्रिका का यह भाषा विशेषांक था जो "मीणी भाषा और साहित्य" शीर्षक से प्रकाशित हुआ। इस अंक के अतिथि संपादक डॉ. पिंटू कुमार थे। उन्होंने एक टीम वर्क के रूप में कार्य करते हुए मीणी भाषा और उसके साहित्य को सुधि पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया। विमोचन कार्यक्रम की शुरुआत मीणी भाषा के लोक गायककार विष्णु मैनावत के ढाँचा गीतों से हुई। इस अंक का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार हरिराम मीणा और लोक साहित्यकार विजय सिंह के हाथों सम्पन्न हुआ। कोरोना के मद्देनजर भारत सरकार के नियमों के अनुपालन के अनुसरण में यह कार्यक्रम वेब माध्यम से आयोजित हुआ। डॉ. गंगा सहाय मीणा, एसोसिएट प्रोफेसर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए इस अंक की वर्तमान आवश्यकता पर बात की। पत्रिका के संपादक डॉ. महेश सिंह ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण के क्रम में इसे ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हुए इस अंक के प्रकाशन की उपयोगिता पर बात की। लेखिका डॉ. हीरा मीणा, पूर्व सहायक प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय ने मीणी भाषा में दर्ज पुरखौती लोक साहित्य के लिपिबद्ध होने के रूप में इस अंक की उपादेयता पर बात की। डॉ. पिंटू कुमार ने इस अंक की अधिक से अधिक समीक्षा करने पर बल दिया। विष्णु मैनावत के सांस्कृतिक गायन के साथ इस कार्यक्रम का अर्थपूर्ण समापन हुआ।

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