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नई शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास

कालेज आफ कामर्स, आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

पटना/ कालेज आफ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल प्रो. तपनकुमार शान्डिल्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने की जिम्मेदारी मुख्यतः राज्य सरकारों की है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकारों को एक समन्वित कार्य योजना तैयार करनी होगी और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तात्कालिक, माध्यमिक और दीर्धकालिक योजना बनानी होगी ।

मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय संयोजक संजय स्वामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में रोजगार परक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि समाज का विषय है इसलिए समाज को जागरूक हो कर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों विशेष कर विश्वविद्यालयों को ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करना होगा जो छात्रों को आत्मनिर्भर बनाए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के निर्माण में छात्रों की सहभागिता होनी चाहिए ताकि पाठ्यक्रम की खामियों को वह उजागर कर सकें।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य प्रो. विजय कांत दास ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं विशेष कर क्षेत्रीय भाषाओं को विशेष महत्व दिया गया। अपने अध्यक्षीय भाषण में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर. के. सी. सिंहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति में बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने राष्ट्र हित में नई शिक्षा नीति को कार्यान्वित करने और इस रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में पूर्व की शिक्षा नीतियों की खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। कार्यशाला में अन्य लोगों के अलावा  नव नालन्दा महाविहार के विजय कर्ण, सीवी रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव रितेश सिंहा, ए एन कालेज के प्रो. शैलेश सिंह, प्रो. राम किशोर सिंह, प्रो. ए के ठाकुर, डॉ. मनीष कुमार समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शिक्षाविद उपस्थित थे। मंच का संचालन पटना विश्वविद्यालय के हरीश दास ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कालेज आफ कामर्स के नैक समन्वयक प्रो. संतोष कुमार ने किया।

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सम्पादक

डॉ. लीना