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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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वरिष्ठ पत्रकार हेमेंद्र नारायण नहीं रहे

अंग्रेजी पत्रकारिता का एक सजग नाम, वरिष्ठ पत्रकार हेमेंद्र नारायण नहीं रहे। काम को सलाम करने वाले  इंडियन एक्सप्रेस से लेकर द स्टेट्समैन से जुड़ें जर्नलिज्म का एक सितारा बुझ गया। 

हेमेंद्र नारायण के निधन पर शोक की लहर मीडिया में है । उनके असमय निधन पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश जी फेसबूक पर उन्हे श्रद्धांजलि देते हुये लिखते है, अभी पिछले सप्ताह ही बिहार के जाने माने पत्रकार अरूण कुमार के असमय निधन की खबर पाकर हम सब स्तब्ध रह गये।  महज सात आठ दिनों के अंदर अब दूसरा सदमा।  हमारे समय के बेहद प्रतिभाशाली पत्रकार हेमेंद्र नारायण का बीती रात निधन हो गया।  हेमेंद्र ने पटना से दिल्ली, शिलांग से लखनऊ, देश के विभिन्न स्थानों पर काम किया। अपनी प्रखर और समझौता विहीन रिपोटिंग और लेखन की छाप उन्होंने हर जगह छोड़ी. उनकी धम॓पत्नी प्रेरणा नारायण स्वयं भी बहुत समथ॓ पत्रकार हैं.... श्रद्धांजलि, साथी हेमेंद्र।


वहीं, वरिष्ठ पत्रकार बीपेन्द्र जी ने अपने वाल पर खबर को पोस्ट कर श्रद्धांजलि दी, सुबह नींद खुली तो हेमेंद्र जी के नम्बर से sms दिखा.दिल घबराया, क्यूँकि वे काफ़ी बीमार चल रहे थे.sms देखा तो स्तब्ध रह गया.उनके बेटे ने हेमेंन्द्र जी के निधन की खबर दी थी. रात 1.30 बजे दिल्ली में उनका निधन हो गया। ईमानदार और जनहित का साथ देने वाला एक और पत्रकार चला गया.पटना में indian express और statesman के विशेष संवाददाता रहे हेमेंद नारायण जी कई साल तक दिल्ली में भी statesman में रहे.बाद में Ranchi को अपना ठिकाना बना लिया था.

अभी पिछले माह ही उन्होंने दिल्ली से फोन किया था. कहा था कि आपरेशन होना है. लेकिन उस हालत में भी वे जानकारी चाह रहे थे कि बेलछी कांड के बाद इंदिरा गाँधी exact किस date को वहाँ गई थी. महीने और साल का पता था लेकिन उन्हें exact date चाहिए था. मतलब कुछ भी लिखने के पहले वे इस हद की accuracy तलाशते थे.आज की पत्रकारिता में यह सब विरल होता जा रहा है .

जनसंघर्ष के हिमायती साथी पत्रकार अलविदा. . .आप बहुत याद आओगे. .

 

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