मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts November 2015

अभिव्यक्ति का सहज माध्यम है कार्टून

प्रेस दिवस की पूर्व संध्या पर ‘‘ विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कार्टूनों एवं व्यंग्य चित्रों का प्रभाव व महत्व ’’ विषय पर संगोष्ठी …

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सोशल मीडिया में बदजुबान होती अभिव्यक्ति की आजादी

एम. अफसर खां सागर/ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प सरीखे सोशल साइट्स ने वैश्विक स्तर पर लोगों को करीब आने का मौका दिया है तथा एक-दूसरे के विचारों और संस्कृति से परिचित भी कराया है। संचार का सदव्यवहार संवाद और संस्कृतियों के प्रसार का हमेशा से आधार रहा है। जिस तरह से सोशल मीडिया…

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अरुण कुमार नहीं रहे

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव और भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य रह चुके थे 

बेगूसराय। वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार नहीं रहे। वे लंबे समय से…

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पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में शुचिता के मानदंड थे आचार्य बदरीनाथ वर्मा

साहित्य सम्मेलन में मनायी गयी जयंती और हुई दीपोत्सव कवि-गोष्ठी

पटना। पत्रकारिता के कीर्ति-स्तम्भ, मानवीय संवेदनाओं और सार्वजनिक जीवन में शुचिता के मानदंड तथा सरलता और विद्वता के प्र…

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आदर्शन न्यूज पोर्टल का लोकार्पण

पटना।  आदर्शन न्यूज पोर्टल की आज  शुरूआत हुई।  मुख्यमंत्री के उर्जा सलाहकार प्रभात कुमार राय ने इसका विधिवत उद्घाटन किया और पूरी संपादकीय टीम को शुभकामना दी।  …

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"दूरदर्शी रीडर" को मीडिया विज्ञापन प्रतिनिधि की जरुरत

वाराणसी। "दूरदर्शी रीडर "न्यूज़ पत्रिका दे रही हें बेरोजगार युवाओ के लिए सुनहरा अवसर। "दूरदर्शी रीडर" न्यूज़ पत्रिका (प्रेस) को जरुरत है मीडिया (प्रेस) मे काम करने हेतु नव युवक, नव युवती, की मीडिया विज्ञापन प्रतिनिधि की जो अपने जिले , तहसील व ब्लाक पर जो काम कर सके आकर्षक सैलरी पैकेज…

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भाषाई अपाहिज, आगे बौद्धिक अपाहिज होंगे : राहुल देव

‘मीडिया की भूमिका : भाषा सीखना या सिखाना’ विषय पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि.वि. में संगोष्ठी सम्पन्न

भोपाल…

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सात दिसंबर को संसद घेरेंगे पत्रकार

पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग

नयी दिल्ली। काम के दौरान हमलों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र देश भर के पत्रकार अपनी सुरक्षा के लिये एक राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्…

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जो मीडिया हम बना रहे हैं

संजय  द्विवेदी/ उदारीकरण और  भूमंडलीकरण की इस आँधी में जैसा मीडिया हमने बनाया है, उसमें ‘भारतीयता’ और ‘भारत’ की उपस्थिति कम होती जा रही है। इस चकाचौंध भरी दुनिया में मीडिया का पारंपरिक चेहरा-मोहरा कहीं छिप सा गया है। वह सर्वव्यापी और सर्वग्रासी विस्तार लेता हुआ, अपने प्रभाव …

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मुझे भी सम्मान की दरकार, क्या सम्भव है?

डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ पाठकों मैं वादा करता हूँ कि यदि मुझे कोई सम्मान मिला तो मैं उसे कभी भी किसी भी परिस्थिति में लौटाने की नहीं सोचूँगा। एक बात और बता दूँ वह यह कि मेरी कोई पहुँच नहीं और न ही मैंने राजनीति के शिखर पर बैठे लोगों, माननीयों का नवनी…

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