मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts February 2016

‘आप’ तो ऐसे ही थे....

लगातार विज्ञापन से खबरें हुईं कम

मनोज कुमार/ एक साथ, एक रात में पूरी दुनिया बदल डालूंगा कि तर्ज पर दिल्ली में सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी के हुक्मरान जनाब अरविंद केजरीवाल ने मुझे तीन दिनों से परेशान कर रखा है। आगे और कितना …

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डरा हुआ पत्रकार मरा हुआ नागरिक बनाता है

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने लिखा मुख्य न्यायाधीश के नाम खुला पत्र

आदरणीय भारत के प्रधान न्यायाधीश,

मुझे उम्मीद है कि पटियाला हाउस…

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अमेरिका के चार पत्रकार गिरफ्तार

दुबई। बहरीन के सुरक्षा अधिकारियों ने शिया नेतृत्व वाले क्षेत्र में हुये विरोध प्रदर्शन के दौरान अमेरिका के चार पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि उन्होंने ब…

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मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की हो रही है जांच: बस्सी

केन्द्रीय गृह मंत्री ने भी कहा कि दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

मीडियाकर्मियों ने निकाला मार्च 

नयी दिल्ली। कल पटि…

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पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कहानी, पटकथा एवं संवाद लेखन पर कार्यशाला

 

भोपाल। अच्छी कहानी एवं पटकथा लिखने के लिए रिसर्च जरूरी है। आज फिल्म इंडस्ट्री में बहुत सारे लेखक लेखन कर रहे हैं, मगर लेखन में रिसर्च की कमी साफ झलक रही है। इसलिए हमें अच्छी कहानियाँ नहीं मिल पा रही हैं। यह विचार 15 फरवरी को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वव…

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वर्तमान समय हिन्दी सिनेमा का स्वर्णकाल : वाणी त्रिपाठी

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में फिल्म समालोचना कार्यशाला 

भोपाल। रंगमंच एवं सिनेमा दोनों ही सामूहिक समन्वय के माध्यम हैं। भारत में वर्तमान दौर सिनेमा का स्वर्णकाल कहा जा सकता है। देशी कथानकों क…

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समय की निराशा को दूर करने और मनुष्य की शून्यता को भरने की ज़िद

'रेत पर लिखी इबारतें (जाबिर हुसेन का रचना-कर्म) और 'कोलाहल में शब्दों की लय' (जाबिर हुसेन की क़लम) पुस्तकों की समीक्षा

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सामाजिक न्याय है हमारा अधिकार

“21वीं सदी में सामाजिक न्याय का घोषण पत्र” सेमिनार उठे वंचितों के मुद्दे, सामाजिक न्याय की हुई वकालत

संजय कुमार/ पट…

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सोशल मीडिया : घटती दूरियां, रिश्तों में बढ़ते फासले

साकिब ज़िया। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। यह वाक्य हमें हमेशा रटाया गया। सामाजिक होना ही इंसानों और जानवरों के बीच का अंतर है। परंतु क्या मनुष्य असामाजिक प्राणी हो चुका है? क्या सोशल मीडिया के बढ़ते वर्चस्व ने मनुष्य की सामाजिकता को खत्म कर दिया है?  …

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बंद किया जा सकता है मोबाइल इंटरनेट : सुप्रीम कोर्ट

ब्यूरो रिपोर्ट/ नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला लेते हुए गुजरात सरकार के विरोध में दायर की गई एक याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोबाइल इंटरनेट को बंद किया जा सकता है।…

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शिववंश पाण्डेय की पुस्तक ‘लौकिक न्यायानुशीलन’ का लोकार्पण

लेखक का उनके 85वें जन्म-दिवस पर किया गया अभिनंदन

पटना। वरिष्ठ साहित्यकार और साहित्यालोचक डा शिववंश पाण्डेय की पुस्तक ‘लौकिक न्यायानुशीलन’ का आज बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लोकार्पण किया गया। इसके पूर्व लेखक…

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फेसबुक ने मांगी माफी

पहले किया था भारत विरोधी ट्वीट

ब्यूरो रिपोर्ट/ सैन फ्रांसिस्को। सोशल साइट फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य मार्क एंडरसन ने फ्री बेसिक्स को लेकर की गई अपनी टिप्पणी के लिए भारत से माफी मां…

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'ट्राई' के फैसले से फेसबुक प्रमुख जुकरबर्ग निराश

नेट निरपेक्षता का समर्थन करते हुए ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को विभिन्न सामग्रियों के आधार पर इंटरनेट सेवाओं के लिए अलग-अलग दरें रखने पर रोक लगा दी है…

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ज्ञान-विज्ञान की दुनिया से जोड़ रहा फेसबुक

74 प्रतिशत लोगों ने माना वर्चुअल दुनिया को जन्म दे रहा फेसबुक

डॉ.  धरवेश कठेरिया के नेतृत्व में  “फेसबुक का उपयोग, दायित्व और सीमाएं” विषय पर शोध …

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तू इस तरह से मेरी ज़िंदग़ी में शामिल है

हरीश बर्नवाल। 10 दिसंबर 2005 की घटना है। उन दिनों मैं स्टार न्यूज में कार्यरत था। मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित रोटरी सेंटर में एक कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। इस कार्यक्रम के दो हीरो थे। एक निदा फाजली, जिनकी किताब का विमोचन था और दूसरा मैं, जिसे अखिल भारतीय अमृ…

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एम.सी.यू. के सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों का सत्रारम्भ

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों के सत्रारंभ समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालयों का असल कार्य सिखाने का वातावरण बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज सेवा व अपन…

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पत्रकारों पर हमले की स्‍वतंत्र जांच हो : अरुण जेटली

बदसलूकी पर उत्तर प्रदेश सरकार का विधायक को नोटिस

नई दिल्ली। केन्‍द्र ने उत्‍तर प्रदेश के शामली जिले में पत्रकारों पर हमले की स्‍वतंत्र जांच कराने की मांग की है। सूचना और प्रसारण तथा वित्‍तमंत्री अरुण ज…

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नहीं रहे मशहूर शायर निदा फाज़ली

मुंबई। "होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है, इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िन्दगी क्या चीज़ है"  ऐसी न जाने कितनी खूबसूरत पंक्तियों को लिखने वाले और फिल्म गीतकार निदा फाज़ली का आज मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से न…

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लोकतंत्र पर बाजार का कब्जा: कालजयी

पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह

भोपाल। जो मीडिया जनपक्षीय सरोकार नहीं रखता है, वह समाज में गहरी पैठ नहीं बना पाता है। क…

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सुधीर तैलंग को याद करते हुए..

मनोज कुमार/ सुधीर तुम तो कमजोर निकले यार.. इत्ती जल्दी डर गए.. अरे भई कीकू के साथ जो हुआ.. वह तुम्हारे साथ नहीं हो सकता था.. ये बात ठीक है कि…

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