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पटना पुस्तक मेला 2019 में अंबेडकर और गांधी चर्चा में

हालांकि अंबेडकर की पुस्तकों को लेकर पाठकों के आकर्षण की मीडिया चर्चा नहीं करता

संजय कुमार / पटना पुस्तक मेला 2019 में गांधी और अंबेडकर चर्चे में हैं। वंचितों और अंबेडकर, सामाजिक क्रांति के पुरोधा ज्योति बा फूले, पेरियार आदि की किताबें खोज खोज कर पाठक खरीद रहे हैं। पाठक सबसे ज्यादा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर किताब खोज रहे हैं। पटना पुस्तक मेला 2019 मेला में सम्यक प्रकाशन के स्टॉल पर लगभग 200 पुस्तकें केवल बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर है। सम्यक प्रकाशन के प्रबन्धक कपिल बौद्ध ने बताया कि बाबा साहेब पर किताबों की बहुत ही डिमांड हैं। साथ ही वंचितों के नायकों की जीवनी भी लोगों की पसंद है। तो वहीं, सामाजिक सरोकार पर लिखी पुस्तकें भी पाठक खोज रहे है।

सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मीडिया में दलित हिस्सेदारी पर पुस्तकें खास आकर्षण का केंद्र बनी  हुयी हैं। प्रभात प्रकाशन के प्रबन्धक राजेश शर्मा बताते हैं कि उनके यहाँ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी पर 50 से ज्यादा पुस्तक हैं। सम्यक, प्रभात, राजकमल, वाणी प्रकाशन की माने तो आज भले ही महात्मा गांधी और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर नहीं है लेकिन उनके विचार आज भी जीवंत है। गांधी और अंबेडकर में विचारों को लेकर जो टकराव रहा है. उस पर कई पुस्तकें हैं।

कई अहम मुद्दों को लेकर गांधी और अंबेडकर के बीच में जो संवाद हुए हैं। उसे लेकर साहित्य जगत में चर्चा आम है. अरुंधति रॉय की पुस्तक ‘एक था डॉक्टर एक था’ संत’, को राजकमल प्रकाशन, नाटककर राजेश कुमार की पुस्तक, ‘अंबेडकर और गांधी’ वाणी प्रकाशन, श्रीभगवान सिंह की पुस्तक ‘गांधी और अंबेडकर’ सर्व सेवा संघ प्रकाशन, गणेश मंत्री लिखित ‘गांधी और अंबेडकर’, प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। कई और पुस्तकें हैं जो गांधी-अंबेडकर विवाद को लेकर शोध ग्रंथ, जीवनी, उपन्यास, नाटक आदि विधा के साथ विमर्श करते मिल रहे हैं. बल्कि इस दिशा में कई और पुस्तकें आ रही हैं। सम्यक प्रकाशन के प्रबन्धक कपिल बौद्ध कहते हैं आज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को खूब पढ़ा जा रहा है। खासकर बाबा साहेब लिखित  ‘भारत का संविधान’ की खूब मांग है। लेकिन सामाजिक सरोकार और आज की मांग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की पुस्तकों को लेकर पाठकों के बीच आकर्षण को लेकर मीडिया चर्चा नहीं करता है और न है उन्हें सम्यक प्रकाशन स्टॉल पर पाठकों की उमड़ती भीड़ दिखती है ।

सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट, (सीआरडी) की ओर से पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आठ नवंबर से शुरू हुए मेला को 18 नवंबर तक देखा जा सकेगा। इस पुस्तक मेला में कुल 110 प्रकाशक हैं।

गांधी मैदान मे ही सीआरडी पुस्तक मेला के बगल में भी राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आयोजन 9 नवंबर से शुरू हुआ है। यहाँ भी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, ज्योति बा फूले, पेरियार आदि की किताबें खोज खोज कर पाठक खरीद रहे हैं। यहाँ के गौतम बुक्स सेंटर, प्रकाशन विभाग, जागृति प्रकाशन, के स्टॉल पर ये पुस्तकें उपलब्ध है।

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