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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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पत्रकारिता पर हो पुनर्विचार

February 14, 2017

न्यूज़राइटर्स.इन पर आपके विचार आमंत्रित हैं

सुभाष धुलिया / हमारा गहरा विश्वास है कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता पर पुनर्विचार और उसकी सामाजिक भूमिका तथा प्रासंगिकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से एक गम्भीर बहस शुरू किए जाने की ज़रूरत है.

तकनीकी विकास पत्रकारिता के निर्माण, वितरण और उपभोग को आकार देने का कार्य करता है. लोगों के जीवन और उनकी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए इस बात को तय किया जाना है कि इनमें पत्रकारिता का स्थान कहाँ है. आदर्श स्थिति में पत्रकारिता ने साझा सरोकारों में अपना योगदान देते हुए सचेत नागरिकों का निर्माण करना चाहिए और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस करनी चाहिये. आज यह ज़रूर सवाल पूछे जाने की आवश्यकता है कि क्या ऐसा हो रहा है.

प्रस्तावित बहस में इन सभी मुद्दों पर विचार किए जाने के अलावा पत्रकारिता पर तकनीकी और अर्थव्यवस्था के कारण पड़ने वाले प्रभावों पर भी विचार किया जायेगा.

न्यूज़राइटर्स.इन पर आपके विचार आमंत्रित हैं, जिनसे उक्त बहस को शुरू करने और उचित संदर्भ दिए जाने में सहायता मिल सके. न्यूज़राइटर्स.इन का सम्पादकमण्डल आपका आभारी रहेगा यदि आप अपने विचारों के साथ अपना संक्षिप्त परिचय भी भेजने का कष्ट करेंगे.

टिप्पणियाँ इस मेल आई डी पर भेजी जा सकती हैं -

sdhuliya@gmail.com

न्यूज़राइटर्स.इन (Newswriters.in) मीडिया से जुड़े अनुभवी एवं सचेत व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा रहा एक अव्यावसायिक समूह है.

 

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