Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

पत्रकार बुखारी की हत्या में आईएसआई का हाथ : मंत्री

‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक शुजाअत बुखारी की कल देर रात हत्या कर दी गई थी

नयी दिल्ली/  केन्द्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि जम्मू कश्मीर में वरिष्ठ पत्रकार शुजाअत बुखारी की हत्या में पाकिस्तान की खुफिया एजेन्सी आईएसआई का हाथ है और यह पहला मौका नहीं है जब घाटी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया गया है। बिहार से भाजपा सांसद श्री सिंह पूर्व नौकरशाह हैं और वह केन्द्रीय गृह सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा, “जब भी कोई सही आवाज उठी है, आतंकवादियों ने उसे चुप करा दिया है।” इस हमले को बेहद घृणित कार्य करार देते हुये उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी घटना नहीं है। 

गौरतलब है कि अंग्रेजी अखबार ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक शुजाअत बुखारी की कल देर रात हत्या कर दी गई थी। श्री बुखारी पर श्रीनगर के नजदीक पार्ट पार्क में स्थित प्रेस एन्क्लेव दफ्तर से घर जाते समय बंदूकधारियों ने स्वचालित हथियारों से गुरुवार को अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण उनकी तथा उनके एक एसपीओ की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक अन्य एसपीओ की अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हुई। 

श्री बुखारी की हत्या की देश और विदेशों में व्यापक निंदा हुई। पार्टी लाइन से हटकर मुख्यधारा के नेताओं और अलगाववादियों ने इस घटना की घोर निंदा की। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आज अंग्रेजी अखबार ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक शुजाअत बुखारी तथा उनके दो सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) की हत्या के मामले में बाइक सवार तीन संदिग्ध आरोपियों की तस्वीर जारी कर लोगों से इन्हें पहचानने की अपील की है। 

श्री बुखारी पर गोलीबारी के बाद तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर क्षेत्र से भागते हुए दिखाई दिए हैं। श्री बुखारी पर वर्ष 2006 में भी इसी तरह से हमले हुए थे।

(तस्वीर साभार)

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;f5d815536b63996797d6b8e383b02fd9aa6e4c70175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;1549d7fbbceaf71116c7510fe348f01b25b8e746175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना