दैनिक जागरण जैसे बड़े मीडिया हाउस के खिलाफ एक कर्मचारी की ऐतिहासिक जीत!
संजय सेठ ने वो कर दिखाया जो बहुत कम लोग कर पाते हैं
2013 में वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने की “सज़ा” दी गई —
सीनियर कर्मचारी को जम्मू-कश्मीर ट्रांसफर
मैसेज साफ था: झुको या निकलो!
लेकिन संजय सेठ न झुके, न टूटे।
कानूनी लड़ाई ठोकी
पूरे 10 साल तक डटे रहे
दैनिक जागरण प्रबंधन के तमाम दबाव, हथकंडे और चालें फेल हो गईं।
आख़िरकार उप श्रमायुक्त वाराणसी के ज़रिये
2.38 लाख रुपये की ग्रेच्युटी का चेक मिला
मैनेजमेंट कहता रहा —
“जम्मू-कश्मीर जाओ, वहीं ग्रेच्युटी मिलेगी”
लेकिन कानून ने कहा —
न्याय यहीं मिलेगा!
इस लड़ाई के हीरो
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय मुखर्जी, एडवोकेट आशीष टंडन और योगेश गुप्ता, अमिताभ भट्टाचार्य, विकास पाठक और महेश सेठ जैसे साथी पत्रकारों ने इसे बताया मीडिया कर्मचारियों के अधिकारों की ऐतिहासिक जीत.
कहानी अभी खत्म नहीं हुई है- अब 10 साल के ब्याज की लड़ाई बाकी है…
और ये लड़ाई भी लड़ी जाएगी!
ये सिर्फ़ संजय सेठ की जीत नहीं, ये हर उस पत्रकार और मीडिया कर्मचारी की जीत है, जो डर के माहौल में भी सवाल पूछने की हिम्मत रखता है।
यशवंत सिंह के फेसबुक वाल साभार

