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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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आईआईएमसी को राष्‍ट्रीय महत्‍व का संस्‍थान बनाने को सरकार प्रतिबद्ध

तब ले सकेंगे यहां से डिग्री, एमफिल, पीएचडी भी 

सूचना एवं प्रसारण सचिव बिमल जुल्‍का भारतीय जनसंचार संस्‍थान  के 46वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे 

नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण सचिव तथा भारतीय जनसंचार संस्‍थान के अध्‍यक्ष श्री बिमल जुल्‍का ने कहा है कि सरकार तमाम नई पहलों के जरिए भारतीय जनसंचार संस्‍थान को पत्रकारिता और संचार क्षेत्र में एक उच्‍च मानको वाले शिक्षण संस्‍थान के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्‍य की प्राप्ति के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय संस्‍थान को राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान के रूप में स्‍थापित करने के लिए तौर तरीकों और विधेयक के मसौदे पर काम करता रहा है। यह अब अंतिम रूप में पहुंच गया है। कल श्री जुल्‍का ने संस्‍थान के 46वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बताया। 

श्री जुल्‍का ने आगे बताया कि संस्‍थान को ‘राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान’ का दर्जा प्राप्‍त हो जाने के बाद, संस्‍थान स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा के अलावा डिग्री प्रदान करने के लिए भी सक्षम हो जाएगा। संस्‍थान स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर पाठ्यक्रम शुरू करने, एम. फिल और पीएचडी डिग्रियां प्रदान करने तथा संचार और मीडिया अध्‍ययन के लिए थिंक-टैंक के रूप में अपनी भूमिका निभाने और अनुसंधान करने के लिए भी सक्षम हो जाएगा। संस्‍थान राष्‍ट्र के विकास और वृद्धि के लिए मीडिया और संचार नीतियां बनाने के लिए सरकार को परामर्श भी दे सकेगा। 

अपने संबोधन में श्री जुल्‍का ने वर्तमान दीक्षांत समारोह का उल्‍लेख करते हुए कहा कि यह समारोह इसलिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि इसमें पहली बार संस्‍थान के छह केन्‍द्रों के छात्रों को स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में सचिव महोदय ने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि मंत्रालय ने संस्‍थान को स्‍थाई परिसरों के निर्माण के लिए आवश्‍यक धनराशि उपलब्‍ध करा दी है। राज्‍य सरकारों द्वारा जमीन का आवंटन हो जाने के बाद यह काम पूरा कर लिया जाएगा। 

श्री जुल्‍का ने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि भारतीय जनसंचार संस्‍थान ने अपना दायरा अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर बढ़ाया है और उसने अभी हाल में अंतराष्‍ट्रीय सहयोग संबंधी दो महत्‍वपूर्ण समझौते किए हैं। पहला समझौता आस्‍ट्रेलिया के ब्रिसबेन स्थित क्‍वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्‍नालॉजी और दूसरा समझौता चिली के सेंटियागो स्थित यूनिवर्सिटी मेयर के साथ किया गया है। इन पहलों से अकादमिक कार्यक्रमों, शोध तथा छात्रों एवं अध्‍यापकों के आदान-प्रदान के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण सहयोग का मंच तैयार होगा। इस द्विपक्षीय समझौते से भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों के लिए अल्‍पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी सुविधा प्राप्‍त होगी। इसके अलावा इन समझौतों से संस्‍थान संयुक्‍त शोध परियोजनाओं पर भी काम करने के लिए सक्षम होगा। 

दीक्षांत समारोह में भारतीय जनसंचार संस्‍थान के सभी छह परिसरों के 316 छात्रों को स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा प्रदान किया गया। सभी छह परिसरों के 26 मेधावी छात्रों को उनके उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन के लिए विभिन्‍न स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्क्रमों में पारितोषिक दिए गए। जम्‍मू केन्‍द्र की सुश्री सुगम सिंघल ने जम्‍मू क्षेत्रीय केन्‍द्र में सर्वश्रेष्‍ठ स्‍थान प्राप्‍त किया और देशभर के सभी परिसरों में पत्रकारिता (अंग्रेजी) के स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम में उच्‍चतम अंक प्राप्‍त किए। श्री सुमित सुंद्रियाल ने पत्रकारिता (हिन्‍दी) के स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम में पीटीआई पुरस्‍कार प्राप्‍त किया, जबकि श्री अभिषेक मलहोत्रा को विज्ञापन एवं जनसंपर्क के स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम में श्री अचिन गांगुली स्‍मृति पुरस्‍कार प्रदान किया गया। सुश्री दिव्‍या सत्‍यनारायणन को रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता के स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम में सर्वाधिक अंक प्राप्‍त करने के लिए स्‍टार टीवी पुरस्‍कार प्रदान किया गया। 

वर्ष 2012-13 में संस्‍थान के जम्‍मू एवं कोट्टायम क्षेत्रीय केन्‍द्र द्वारा अकादमिक सत्र की शुरूआत के बाद पहली बार संस्‍थान के देशभर में मौजूद सभी छह परिसरों के पत्रकारिता (अंग्रेजी) के स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम के छात्रों को वार्षिक दीक्षांत समारोह में डिप्‍लोमा और पुरस्‍कार प्रदान किए गए। संस्‍थान के छह परिसर नई दिल्‍ली, एजवाल, अमरावती, जम्‍मू, कोट्टायम और ढेंकनाल में स्थित हैं। 

(PIB)

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सम्पादक

डॉ. लीना