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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन फुटेला को ब्रेन स्ट्रोक

चंडीगढ़ में अस्पताल में भर्ती

पलाश विश्वास/ वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन फुटेला को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है. घटना छह अगस्त की है. उन्हें चंडीगढ़ में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके नजदीकी लोगों का कहना है कि कई दिनों के इलाज के बाद फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं लेकिन ब्रेन स्ट्रोक के साइड इफेक्ट बरकरार हैं.

अभी अभी फुटेला कैंसर से लड़ाकर उसे परास्त कर अपने मोरचे पर लौटा है। मैं अवाक था कि कई दिनों से जर्नलिस्ट कम्युनिटी में अपडेट नहीं हो रहा है। अब हमें भी सोशल मीडिया की मुसीबतों के बारे में मालूम है। कैसे कैसे ये लोग अलख जगाये हैं, उसका अंदाजा है। मोहल्लालाइव की अपडेट बारंबारता अब लगभग शून्य के नीचे जाने को है। अमलेंदु का सर्वर भी कभी कभार फेल हो जाता है। जनज्वार भी बहुत तेज अपडेट नहीं कर पाता। यही हाल विस्फोट का है। हस्तक्षेप, भड़ास और मीडिया दरबार को छोड़कर अपडेट निरंतरता एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

फुटेला को इसलिए मेंने फोन नहीं लगाया और उम्मीद कर रहा था कि जल्दी ही समस्या सुलझ जायेगी। बीच में तीन चार दिन के लिए भुवनेश्वर चला गया था। आज वापसी के बाद भड़ास खोला तो बुरी खबर मिली।

जगमोहन फुटेला ने अभी हाल में ही हरियाणा से शुरू होने वाले एक चैनल के संपादक पद से इस्तीफा दिया था और चैनल के अंदर की गड़बड़ियों को उजागर करते हुए बेबाक लेख लिखे थे. जगमोहन फुटेला लंबे समय तक दैनिक जागरण में रहे. जागरण प्रबंधन द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ उन्होंने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की. उन्होंने जर्नलिस्टकम्युनिटी डाट काम की स्थापना कर मीडिया और राजनीति के कई स्याह पक्षों के बारे में विश्लेषणात्मक लेख लिखा करते हैं और अन्य लोगों की अभिव्यक्ति को भी मंच प्रदान करते हैं.

जगमोहन फुटेला के ब्रेन स्ट्रोक की खबर मिलते ही उनके जानने वाले लोग अस्पताल पहुंचने लगे और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की दुवाएं की. जगमोहन फुटेला के पुत्र अभिषेक उनकी देखरेख में लगे हुए हैं. परिवार के अन्य सदस्य भी मुकम्मल इलाज के लिए सक्रिय हैं. बताया जाता है कि पहले वे मैक्स अस्पताल में एडमिट कराए गए थे. बाद में उन्हें पीजीआई ले जाया गया.

उनके शीघ्र स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की कामना है। 

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना