डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ हे मित्र, मैं लाचार हूँ वर्ना अब तक आप द्वारा प्रेषित आलेख का प्रकाशन हो गया होता। मैं आप की सिफारिश किस मुँह से करूँ......? आप ने ही कहा था कि नव वर्ष पर पोर्टल के लिए कुछ डिस्प्ले विज्ञापन भेजेंगे, य…
Blog posts : "व्यंग्य"
पत्रकार भाई जी ‘लिव एण्ड लेट लिव, ईट एण्ड लेट ईट’
हाय फ्रेन्ड्स! हाउ एम आइ लुकिंग...?
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ हाय फ्रेन्ड्स! मैं एक लिंक शेयर करने के पूर्व कमेण्ट्स लिखना चाहता हूँ। अब समझ में नहीं आ रहा है कि क्या लिखूँ? बहरहाल! यह जानिए कि मैं एक बड़ा राइटर हो गया हूँ। भला क्यों न होऊँ- बड़े से बड़े, छोटे से छोटा प्रकाशन मेरे लेखो…
बुद्धिश्रमिक : हीन भावना से ग्रस्त एक बेबस प्राणी

हे बुद्धि श्रमिकों- अपने को समाचार सम्पादक, उपसम्पादक, सहायक सम्पादक या फिर समूह सम्पादक कहलवाने से तुम्हें क्या मिलता है.......?…
सुंदर पिचाई पर, कोई क्यों नहीं बनाता फिल्म...!!
तारकेश कुमार ओझा/ 80 के दशक में एक फिल्म आई थी, नाम था लव - मैरिज। किशोर उम्र में देखी गई इस फिल्म के अत्यंत साधारण होेने के बावजूद इसका मेरे जीवन में विशेष महत्व था। इस फिल्म के एक सीन से मैं कई दिनों तक रोमांचित रहा था। क्योंकि फिल्म में चरित्र अभिनेता चंद्रशेखर दुबे ए…
सेल्फी वाला पत्रकार नहीं हूं
अशोक मिश्र / घर पहुंचते ही मैंने अपने कपड़े उतारे और पैंट की जेब से मोबाइल निकालकर चारपाई पर पटक दिया। मोबाइल देखते ही घरैतिन की आंखों में चमक आ गई। दूसरे कमरे से बच्चे भी सिमट आए थे। घरैतिन ने मोबाइल फोन झपटकर उठा लिया और उसमें कुछ देखने लगीं। मोबाइल को इस तरह झपटता देखकर मेरा माथ…
मुझे भी सम्मान की दरकार, क्या सम्भव है?
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ पाठकों मैं वादा करता हूँ कि यदि मुझे कोई सम्मान मिला तो मैं उसे कभी भी किसी भी परिस्थिति में लौटाने की नहीं सोचूँगा। एक बात और बता दूँ वह यह कि मेरी कोई पहुँच नहीं और न ही मैंने राजनीति के शिखर पर बैठे लोगों, माननीयों का नवनी…
न्यूज करे कन्फयूज...!!

तारकेश कुमार ओझा/ चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज चल रही है... टीम इंडिया मैच हारी...। कुछ देर बाद पर्दे पर सुटेड – बुटेड कुछ जाने – पहचाने चेहरे उभरे। एक ने कहा ... आफ कोर्स ... कैप्टन किंग को समझना होगा.... वे अपनी मनमर्जी टीम पर नहीं थोप सकते... । आखिर उन्होंने ऐसा फैसला कि…
संघर्ष की शक्ल....!!
जवाब मिला... अबे संघर्ष किसी कहते हैं , जानना है न, तो फलां तारीख को अमुक चैनल पर देख लेना!
तारकेश कुमार ओझा / मैं जीवन में एक बार फिर अप…
सोशल मीडिया में टिप्पणी देकर समीक्षक बनिए

डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ समीक्षक का काम टिप्पणी करना होता है। उसकी समझ से वह जो भी कर रहा है, ठीक ही है। मैं यह कत्तई नहीं मान सकता, क्योंकि टिप्पणियाँ कई तरह की होती हैं। कुछेक लोग उसे पसन्द करते हैं, बहुतेरे नकार देते हैं। पसन्द और नापसन्द करना…
सर का शौर्य, साहब का शोक....!!

तारकेश कुमार ओझा / आज का अखबार पढ़ा तो दो परस्पर विरोधाभासी खबरें मानों एक दूसरे को मुंह चिढ़ा रही थी। पहली खबर में एक बड़ा राजनेता अपनी बिरादरी का दुख – दर्द बयां कर रहा था। उसे दुख था कि जनता के लिए रात – दिन खटने वाले राजनेताओं को लोग धूर्त और बेईमान समझते हैं। उनक…
प्रेस क्लब किसी एक की बपौती और भूमिधरी नहीं
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ हम दो हमारे कोई नहीं ‘समीक्षा’ को छोड़कर। आप तनिक भी तरस मत खाइए। यह परिवार नियोजनी नारा अब काफी परिवर्तित हो चुका है। पहले था- बस दो या तीन बच्चे होते हैं घर में अच्छे, तदुपरान्त हम दो हमारे दो- बावजूद इसके जनसंख्या वृद्धि प…
नवीनतम ---
- सार्क जर्नलिस्ट फोरम का अंतराष्ट्रीय सम्मेलन चार से
- भाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं
- ये आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है..
- सबसे 'तेज़' बनने के चक्कर में 'श्रद्धांजलि' का पात्र बना मीडिया
- क्लास से ग्राउंड तक..
- ‘संस्मय सम्मान’ से सम्मानित हुए रचनाकार
- डब्ल्यूजेएआई के स्थापना दिवस समारोह पर वेब मीडिया समागम होगाआयोजित
- जो बिका नही वो बचा नही: हत्याओं के बन रहे नए रिकॉर्ड
- हे पत्रकारिता के भीष्म पितामह… नीतीश मदहोश हैं या आप?
- डिजिटल भारत समिट 2025: डब्ल्यूजेएआई का भव्य आयोजन
- डब्ल्यूजेएआई सही दिशा में अग्रसर: अश्विनी चौबे
- दिल्ली में सम्पन्न डब्ल्यूजेएआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम निर्णय
- मूल्य और संस्कृति की रक्षक है साहित्यिक पत्रकारिता: प्रो.द्विवेदी
- सांस्कृतिक निरक्षरता ने खड़े किए हैं समाज के सामने गंभीर संकट: प्रो.संजय द्विवेदी
- आत्मनिर्भर भारत से ही पूरा होगा जगद्गुरू बनने का सपना: मोहन मांझी
- लोकेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान
- अड़ानी संबंधित वीडियो यूट्यूब और सोशल मीडिया से हटाने के आदेश
- प्रधानमंत्री का जन्मदिन इवेंट में तब्दील
वर्गवार--
- feature (41)
- General (179)
- twitter (2)
- whatsapp (3)
- अपील (8)
- अभियान (10)
- अख़बारों से (5)
- आयोजन (103)
- इंडिया टुडे (3)
- खबर (1729)
- जानकारी (5)
- टिप्पणी (1)
- टीवी (3)
- नई कलम (1)
- निंदा (4)
- पत्र (1)
- पत्रकारिता : एक नज़र में (2)
- पत्रकारों की हो निम्नतम योग्यता ? (6)
- पत्रिका (45)
- पुस्तक समीक्षा (47)
- पुस्तिका (1)
- फेसबुक से (234)
- बहस (15)
- मई दिवस (2)
- मीडिया पुस्तक समीक्षा (23)
- मुद्दा (521)
- लोग (9)
- विरोधस्वरूप पुरस्कार वापसी (6)
- विविध खबरें (610)
- वेकेंसी (14)
- व्यंग्य (31)
- शिकायत (16)
- शिक्षा (11)
- श्रद्धांजलि (118)
- संगीत (1)
- संस्कृति (1)
- संस्मरण (32)
- सम्मान (17)
- साहित्य (103)
- सिनेमा (16)
- हिन्दी (5)
पुरालेख--
- December 2025 (3)
- November 2025 (5)
- October 2025 (5)
- September 2025 (8)
- August 2025 (12)
- July 2025 (11)
- June 2025 (7)
- May 2025 (35)
- April 2025 (18)
- March 2025 (20)
- February 2025 (29)
- January 2025 (14)
- December 2024 (10)
- November 2024 (5)
- October 2024 (7)
टिप्पणी--
-
foo barMarch 2, 2025
-
रवि अहिरवारJanuary 6, 2025
-
पंकज चौधरीDecember 17, 2024
-
Anurag yadavJanuary 11, 2024
-
सुरेश जगन्नाथ पाटीलSeptember 16, 2023
-
Dr kishre kumar singhAugust 20, 2023
-
Manjeet SinghJune 23, 2023
सम्पादक
डॉ. लीना























