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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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कवि पत्रकार मंगलेश डबराल नहीं रहे

डबराल जनसत्ता, सहारा समय, हिंदी पैट्रियट, प्रतिपक्ष, पूर्व ग्रह, आसपास शुक्रवार जैसे अनेक समाचार पत्रों में काम कर चुके थे और कई पत्रिकाओं के संपादक भी थे

नयी दिल्ली/ सहित अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के प्रख्यात कवि पत्रकार मंगलेश डबराल का कोरोनाग्रस्त होने के बाद बुधवार शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे।

श्री डबराल कुछ दिन से आईसीयू में वेंटिलेटर पर थे। उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र तथा पुत्री है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह दस बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा । श्री डबराल के निधन से सहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

उत्तराखंड के टिहरी जिले के काफल पानी गांव में 16 मई 1948 को जन्मे में श्री डबराल को पिछले दिनों गाजियाबाद के वसुंधरा में एक निजी अस्पताल में कोरोना के कारण भर्ती कराया गया था लेकिन वहां उनके स्वास्थ्य में जब सुधार नहीं हुआ तो उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया जहां आज शाम करीब 7:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

आठवें दशक में पहाड़ में लालटेन संग्रह से चर्चित हुए कवि श्री डबराल जनसत्ता, सहारा समय, हिंदी पैट्रियट, प्रतिपक्ष, पूर्व ग्रह, आसपास शुक्रवार जैसे अनेक समाचार पत्रों में काम कर चुके थे और कई पत्रिकाओं के संपादक भी थे। उन्हें कई सम्मान मिल चुके थे जिसमें शमशेर सम्मान, ओमप्रकाश स्मृति सम्मान, हिंदी अकादमी का शाहिद का सम्मान आदि शामिल है।

सहित्य अकादमी, नागरी लिपि परिषद, जनवादी लेखक संघ ,प्रगतिशील लेखक संघ ,जन संस्कृति मंच एवं विभिन्न लेखक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे भारतीय साहित्य की क्षति बताया है।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना