
किसी मजदूर को भारत का पहला फिल्म निर्माता होने का श्रेय भला क्यूं दिया जाए?
अश्विनी कुमार पंकज / भारत में सिनेमा के सौ साल का जश्न शुरू हो गया है। इसी के साथ 1970 के दिनों में फिरोज रंगूनवाला द्वारा उठाया गया सवाल फिर से उठ खड़ा हो गया है। सवाल है भारतीय सिनेमा का पुरोधा कौन है? दादासाहब फाल्के या…













अफसर विगत दस साल से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में शुक्रवार, इण्डिया न्…



