मीडियामोरचा

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Blog posts : "लोग "

मोर्चे पर मोर्चा ...!!

September 8, 2015

तारकेश कुमार ओझा  / बचपन में मैने ऐसी कई फिल्में देखी है जिसकी शुरूआत से ही यह पता लगने लगता था कि अब आगे क्या होने वाला है। मसलन दो भाईयों का बिछुड़ना और मिलना, किसी पर पहले अत्याचार तो बाद में बदला , दो जोड़ों का प्रेम और विलेनों की फौज... लेकिन अंत में जोड़ों की जीत।…

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