मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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"समागम" जीवनभर, मात्र 15सौ में

December 1, 2017

भोपाल/ शोध पत्रिका समागम फरवरी 2018 में 18वे साल में प्रवेश कर रही है। पत्रिका के सम्पादक मनोज कुमार ने बताया कि इस अवसर पर लाइफ मेम्बरशिप 3000 रुपये के स्थान पर मात्र 1500 में दिया जाएगा। साथ में दो मानक स्तर के शोध पत्र का प्रकाशन भी किया जाएगा। समागम यूजीसी से एएप्रूव्ड रिसर्च जर्नल है।…

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पत्रकारिता कैसे करूँ?

November 22, 2017

पूजा प्रांजला //

पत्रकार तो बन रही,

पत्रकारिता कैसे करूँ?

अच्छाइयां मिलती नहीं,

बुराइयाँ कितनी लिखूं ?

ये देश है जितनी बड़ी

कठनाइयां उनसे बड़ी

कठनाइयों को गिन रही

हाथ की चलती घडी ।

पत्रकार तो बन र…

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हिंदी के श्राद्ध पर्व पर हिंदी पत्रकारिता का पिंडदान

September 13, 2017

राम प्रकाश वरमा/ हिन्दी और हिन्दी पत्रकारिता के कर्मकांडी श्राद्धपर्व के माहौल में हिन्दी बोलने पर जुर्माने की सजा! हिन्दी का पिण्डदान करने सरकारी अय्याशों के साथ ‘कामसू़त्र’ की नई विधा तलाशने का सपना संजोए हिंदी पुत्रों के विदेश जाने का शुल्क बस पांच हजार! देश में रोमन लिपि में लिखी हुई हिंदी का पाठ करके या फेसबुक पर हिन्दी के पुरखों का तर्पण करते हुए अंग्रेजी को एक आंख दबाकर सच्चे प्रेमी होने का दावा मुफ्त में बरकरार। हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता के शंकराचार्यों की …

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लोकसंस्कृति विशेषांक है साहित्य अमृत का नया अंक

August 4, 2017

नयी दिल्ली/ हिन्दी साहित्य की प्रख्यात पत्रिका ‘साहित्य अमृत’ के इस माह लोकसंस्कृति विशेषांक में देश में करीब 36 क्षेत्रों की लोकसंस्कृतियों को अनूठे ढंग से संग्रहीत किया गया है तथा इसके साथ एक-डेढ़ सदी पहले प्रवासियों के साथ विश्व के अनेक भागों में फैली भारतीय संस्कृति और 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देश में हुए सांस्कृतिक परिवर्तन पर भी विहगम दृष्टि डाली गयी है। …

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सजग पत्रकार की दृष्टि में मोदी-युग

June 24, 2017

रमेश नैयर/ पुस्तक ‘मोदी युग’ का शीर्षक देखकर प्रथम दृष्टया लगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्तुति में धड़ाधड़ प्रकाशित हो रही पुस्तकों में एक कड़ी और जुड़ गई। अल्पजीवी पत्र-पत्रिकाओं के लेखों के साथ ही एक के बाद एक सामने आ रही पुस्तकों में मोदी सरकार की जो अखंड वंदना चल रही है, वो अब उबाऊ लगने लगी है। परंतु पुस्तक को जब ध्यान से पढ़ना शुरू किया तो मेरा भ्रम बिखरता गया कि ये पुस्तक भी मोदी वंदना में एक और पुष्प का अर्पण है। वैसे भी संजय द्विवेदी की पत्रकारिता की तासीर से परिचित होन…

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समागम’ का जून अंक नर्मदा नदी पर केन्द्रित

May 14, 2017

शोध पत्र एवं आलेख आमंत्रित

भोपाल/ शोध एवं संदर्भ की मासिक पत्रिका ‘समागम’ जून-2017 का अंक पर्यावरण की दृष्टि से नर्मदा नदी पर केन्द्रित है. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 144 दिनों की नमामी नर्मदे सेवा यात्रा के विभिन्न आयामों एवं पर्यावरणीय संदर्भों पर शोध पत्र एवं शोध आलेख आमंत्रित हैं. नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सुझाव भी आमंत्रित हैं. अपनी रचनाएं शोध पत्रिका ‘समागम’ के ईमेल …

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‘समागम’ का विशेष अंक चम्पारण सत्याग्रह पर

April 12, 2017

100 साल पहले एक व्यक्ति ने चम्पारण में अलख जगायी थी. ना हाथ में लाठी-बंदूक थी और न जुबान पर कड़ुवी बोली. एक अहिंसक सत्याग्रह ने अंग्रेजी शासन को झकझोर कर रख दिया. आज इसी आंदोलन को पूरी दुनिया चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जानती है. यह हमारी पीढ़ी के लिए गौरव की बात है कि हमें अवसर मिला है कि संसार को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आंदोलन के हम साक्षी बन रहे हैं. शोध पत्रिका ‘समागम’ चम्पारण सत्याग्रह पर यहां-वहां बिखरी पठनीय सामग्री को दस्तावेज के रूप में अप्रेल 2017 के अंक में संग्रहित किया है. शोध एवं…

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