लिखना तो पड़ेगा। ये रोज़ का अभ्यास है।
रवीश कुमार / चुनाव आते ही कुछ युवा पत्रकार व्हाट्स एप करने लगते हैं कि मुझे चुनाव यात्रा पर ले चलिए। आपसे सीखना है। लड़का और लड़की दोनों। दोनों को मेरा जवाब ना है। यह संभव नहीं है। कुछ लोगों ने सीमा पार कर दी है। मना करने पर समझ जाना चाहिए। पर कई लोग नहीं म…

















