Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

ठीकरा मीडिया के ऊपर फोड़ दीजिए!

गिरीराज सिंह ने  एंकर  को कहा, आप लोगों ने पार्टी के एजेंडे को लोगों तक पहुंचाने में काफी खराब भूमिका निभाई है

साकिब जिया / यह अच्छा तरीका है कि चुनाव में जनता से वायदा राजनीतिक पार्टियां करें और जब सरकार का सुख भोगने के बाद वायदा पूरा न कर पाएं तो ठीकरा मीडिया के ऊपर फोड़ दीजिए! कुछ ऐसा ही देखने और सुनने को मिला एबीपी न्यूज़ चैनल पर।

दरअसल चैनल की एंकर चित्रा त्रिपाठी केंद्रीय मंत्री और बिहार के नवादा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद गिरीराज सिंह का इंटरव्यू कर रही थी। सब जानते हैं कि गिरीराज एक समुदाय विशेष को लेकर पिछले कई सालों से बराबर ब्यान बाजी करते रहे हैं जिसे अकसर मीडिया ने जनता तक पहुंचाया है। एबीपी न्यूज़ को दिए गए ताजा साक्षात्कार में एंकर के राम मंदिर अब तक नहीं बनाए जाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने अपना आपा खो दिया। बार बार मंत्री जी यही कहते रहे कि देश की जनता जागरूक है मंदिर जरूर बनेगा। एंकर ने कई बार पूछा तब मंत्री जी ने कहा कि आप जैसे लोग ही राम मंदिर नहीं बनने दे रहे हैं। उन्होंने एबीपी न्यूज़ चैनल का नाम लेकर आरोप भी लगाया और एंकर को कहा कि आपका चैनल सिर्फ टीआरपी बढ़ाने के लिए ऐसे सवाल पूछते हैं। केंद्रीय मंत्री ने एंकर चित्रा त्रिपाठी पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि आप लोगों ने पार्टी के एजेंडे को लोगों तक पहुंचाने में काफी खराब भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि चैनल ने लोगों को भ्रमित करने भी काम किया है और लोगों को बांटने का काम कर रही है। 

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;f5d815536b63996797d6b8e383b02fd9aa6e4c70175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;1549d7fbbceaf71116c7510fe348f01b25b8e746175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना