मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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पुरालेख--

राष्ट्रीय सुर्खियां--

सम्पादक

डॉ. लीना


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सांस्कृतिक संवेदनहीनता के समय में लोकजीवन और मीडिया

प्रो. संजय द्विवेदी/ ‘मोबाइल समय’ के दौर में जब हर व्यक्ति कम्युनिकेटर, कैमरामैन और फिल्ममेकर होने की संभावना से युक्त हो, तब असल खबरें गायब क्यों हैं? सोशल मीडिया के आगमन के बाद से मीडिया और संचार की दुनिया के बेहद लोकतांत्रिक हो जाने के ढोल पीटे गए और पीटे जा रहे हैं। लेकिन वे हाशिए आवाजें कहां हैं? जन-जन तक पसर चुके मीडिया में हमारा ‘लोक’ और उसका जीवन कहां है?…

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संभावना और चुनौतियों के बीच मूल्यानुगत मीडिया का आग्रह

लोकेंद्र सिंह/ सक्रिय पत्रकारिता और उसके शिक्षण-प्रशिक्षण के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल दीक्षित की नयी पुस्तक ‘मूल्यानुगत मीडिया : संभावना और चुनौतियां’ ऐसे समय में आई है, जब मीडिया में मूल्यहीनता दिखाई पड़ रही है। मीडिया में मूल्यों और सिद्धांतों की बात तो सब कर रहे हैं, लेकिन उस तरह का व्यवहार मीडिया का दिखाई नहीं दे रहा है। मीडिया के जरिये कर्ता-धर्ता मालिक/पत्रकार अपने व्यावसायिक और वैचारिक हित साधने में लगे हुए हैं। उन्होंने अपने नये मूल्य गढ़ लिये हैं। मूल्यहीनता के …

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सकारात्मक खबरें लिखने वाले पत्रकारों को पुलिस करेगी सम्मानित

बाड़मेर/ राजस्थान में बाड़मेर पुलिस ने जिले में अनूठी पहल करते हुए सकारात्मक खबरें देने वाले पत्रकारों को सम्मानित करने की घोषणा की है। बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक श्री शरद चौधरी ने आज बताया कि सकारात्मक पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के लिये पुलिस ने यह निर्णय किया है।…

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वेब पत्रकारों को प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक के समकक्ष सुविधाएं दे सरकार

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दूसरी बैठक में डब्ल्यूजेएआई की वेबसाइट का भी हुआ लोकार्पण, देश भर के वेब जर्नलिस्ट्स हुए शामिल

पटना  (बिहार)/ वेब पत्रकारों के हित में देश की पहली एसोसिएशन वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (डब्ल्यूजेएआई) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दूसरी बैठक सह वेबसाइट …

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फिल्‍म महोत्‍सव के लिए मीडियाकर्मी करायें पंजीकरण

नई दिल्ली/ भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने भारतीय अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव 2018 को कवर करने के इच्छुक मीडियाकर्मियों को मीडिया प्रतिनिधि के रूप में पंजीकरण कराने के लिए आमंत्रित किया है। इसके लिए मीडियाकर्मी …

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मीडिया सनसनीखेज प्रवृत्ति को दूर करे: एम. वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति ने पत्र ‘द समाजा’ के शताब्दी समारोह में उत्कलमणि गोपबंधु दास की जीवनी का विमोचन भी किया

कटक / उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज मीडिया से सनसनीखेज प्रवृत्ति को दूर करने और बिना समाचार तथा विचारों को मिलाए तथ्‍यों को प्रस्‍तुत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया को ईमानदार और सच्चा बना रहना चाहिए और …

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अख़बार के लिए यह एक भूल सुधार है !

पटना / एक अख़बार के स्थानीय सम्पादक को, पूरी सम्पादकीय टीम को, उसके संवाददाताओं को, फलानों ढिमकानों को,  पूरे दिनभर या उससे पहले के भी कुछ दिनों में लालबहादुर शास्त्री जी याद नहीं आते !  

और यह , अख़बार के लिए …

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क्या प्रायोजित खबरें हैं?

लीना/ पटना / दैनिक भास्कर पटना ने पहले पन्ने पर लीड स्टोरी बनाई गई है तो हिंदुस्तान, पटना ने भी अंदर के पन्ने पर तीन कालम में ठीक-ठाक खबर दी है. और जगह भी खबर है. खबर है- जुगाड़ से तैयार की गई नाव में सवार सांसद रामकृपाल यादव के गड्ढे में गिरने और फिर डूबने से बचने की. तस्वीरें भी हैं कई भास्कर में. जिसमें उन्हें जुगाड़ वाले नाव पर सवार, पलटते हुए और बचाए जाने के बाद सांसद की तस्वीरें छापी है. फ़ोटो वीडीयो से निकाला गया प्रतीत होता है.…

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सचमुच एक असंभव संभावना हैं गांधी!

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष प्रसंग

प्रो. संजय द्विवेदी/ इतिहासकार सुधीर चंद्र की किताब ‘गांधी एक असंभव संभावना’ को पढ़ते हुए इस किताब के शीर्षक ने सर्वाधिक प्रभावित किया। यह शीर्षक कई अर्थ लिए हुए है, जिसे इस किताब को पढ़कर ही समझा जा सकता है। 184 पृष्ठों की यह किताब गांधी के बेहद लाचार, बेचारे, विवश हो जाने और उस विवशता में भी ‘अपने सत्य के लिए’ जूझते रहने की कहानी है।…

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पत्रकार को जान से मारने की कोशिश

छपरा। वेब पोर्टल न्यूज़ फैक्ट डॉट इन के संपादक और डब्ल्यूजेएआई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय कुमार पांडेय को आज सुबह दबंग अतिक्रमणकारी द्वारा घर में घुस कर मारपीट कर जख्मी कर दिया गया और जान से मारने की कोशिश की गई, जख्मी पत्रकार ने पुलिस कप्तान को सूचना और थाने को लिखित शिकायत दी है।…

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पत्रकारिता के क्षेत्र में पं. दीनदयाल उपाध्याय

जयंती, 25 सितंबर पर विशेष

लोकेन्द्र सिंह/ पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। सादगी से जीवन जीने वाले इस महापुरुष में राजनीतिज्ञ, संगठन शिल्पी, कुशल वक्ता, समाज चिंतक, अर्थचिंतक, शिक्षाविद्, लेखक और पत्रकार सहित कई प्रतिभाएं समाहित थी। ऐसी प्रतिभाएं कम ही होती हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक व्यक्तित्व को सब भली प्रकार जानते हैं। उन्होंने जनसंघ का कुशल नेतृत्व किया, उसके लिए सिद्धाँत गढ़े और राजनीति में शुचि…

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निर्भीक पत्रकारिता का सर्वोच्च स्वर: बी बी सी

तनवीर जाफ़री/ इस समय विश्व का अधिकांश भाग हिंसा, संकट, सत्ता संघर्ष, साम्प्रदायिक व जातीय हिंसा तथा तानाशाही आदि के जाल में बुरी तरह उलझा हुआ है। परिणाम स्वरूप अनेक देशों में आम लोगों के जान माल पर घोर संकट आया हुआ है। मानवाधिकारों का घोर हनन हो रहा है। लाखों लोग विस्थापित होकर अपने घरों से बेघर होने के लिए मजबूर हैं। ऐसे कई देशों में बच्चों व महिलाओं की स्थिति ख़ास तौर पर अत्यंत दयनीय है। सीरिया, यमन व अफ़ग़ानिस्तान जैसे देश तो लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। ऐसे में किस देश की …

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