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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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राष्ट्रीय सुर्खियां--

सम्पादक

डॉ. लीना


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अफसर नहीं, कम्युनिकेटर बनिए : जयदीप भटनागर

आईआईएमसी में भारतीय सूचना सेवा, ग्रुप ‘ए’ के प्रशिक्षु अधिकारियों के नए बैच के स्वागत  

नई दिल्ली। ''अगर आप एक काबिल अधिकारी बनना चाहते हैं, तो आपको प्रशासन से जुड़े सभी नियमों को सीखना चाहिए तथा एक अफसर की तरह नहीं, बल्कि एक कम्युनिकेटर की तरह लोगों से संवाद करना चाहिए।'' यह विचार ऑल इंडिया रेडियो के समाचार सेवा प्रभाग के प्रधान महान…

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'पूछता है भारत': क्या देश को चाहिए ऐसी ही पत्रकारिता?

तनवीर जाफ़री/ 'बदनाम अगर होंगे तो क्या नाम न होगा' , हमारे देश में तमाम चतुर,चालाक,स्वार्थी व निठल्ले क़िस्म के लोगों ने शोहरत पाने का यही शॉर्ट कट रास्ता अपनाया हुआ है। विवादों का शोहरत से हमेशा ही गहरा नाता भी रहा है। जो भी व्यक्ति अथवा विषय विवादित तरीक़े से मीडिया द्वारा प्रचारित-प्रसारित किया जाता है उसे प्रसिद्धि या सफलता की गारण्टी माना जाता है। प्रायः अनेक लोग जानबूझकर ऐसी ग़ैर ज़रूरी ख़बरें 'प्लांट' भी करवाते हैं ताकि वे चर्चा का विषय बन सकें। हमारे देश में तो मीडिया का ह…

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आतंकवाद से जंग में हो मीडिया का इस्तेमाल : राज कादयान

सेना की छवि खराब करने वालों के विरुद्ध आगे आएं

नई दिल्ली। ''भारत के विरोधी सोशल मीडिया का इस्तेमाल मनौवैज्ञानिक लड़ाई और धोखेबाजी के लिए कर रहे हैं। हमें इसका फायदा अपनी ताकत बढ़ाने में करना चाहिए। आतंकवाद से लड़ने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।'' यह विचार पूर्व उप थल सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राज कादयान ने भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा सैन्य अधिकारियों के लि…

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आकाशवाणी का कोई भी केन्‍द्र बंद नहीं हो रहा

प्रसार भारती ने स्‍पष्‍ट किया कि किसी भी राज्‍य में, कहीं भी आकाशवाणी का कोई भी केन्‍द्र बंद नहीं किया जा रहा

नई दिल्ली/ प्रसार भारती ने देश के विभिन्‍न मीडिया केन्‍द्रों की, आकाशवाणी के कई केन्‍द्र बंद होने के संबंध में जारी भ्रामक खबरों पर गंभीर रुख अख्ति‍यार करते हुए स्‍पष्‍ट किया है कि इस तरह की रिपोर्…

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वरिष्ठ पत्रकार तुरलापति कुटुम्बा राव का निधन

उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, पत्रकार संगठनों ने जताया शोक  

विजयवाडा/  वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और पद्मश्री तुरलापति कुटुम्बा राव का यहां रविवार देर रात एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।…

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डीडी-आकाशवाणी के डिजिटल चैनलों के खूब बढ़े दर्शक-श्रोता

श्रोताओं की संख्या के लिहाज से प्रसार भारती के इन डिजिटल चैनलों के ऑडियंस में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर

नई दिल्ली/ वर्ष 2020 में, प्रसार भारती के डीडी और आकाशवाणी के डिजिटल चैनलों ने 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, एक अरब से अधिक डिजिटल दृश्‍य (व्‍यूज) और 6 अरब से अधिक डिजिटल वॉच मिनट दर्ज किए गए।…

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कैलेंडर के साथ जिंदगी भी बदल जाए तो बेहतर

प्रो. संजय द्विवेदी/ यह साल जा रहा है, बहुत सी कड़वी यादें देकर। कोरोना और उससे उपजे संकटों से बने बिंब और प्रतिबिंब आज भी आंखों में तैर रहे हैं और डरा रहे हैं। यह पहला साल है, जिसने न जाने कितने जानने वालों की मौत की सूचनाएं दी हैं। पहले भी बीमारियां आईं, आपदाएं आईं किंतु उनका एक वृत्त है, भूगोल है, उनसे प्रभावित कुछ क्षेत्र रहे हैं। यह कोरोना संकट तो अजब है, जहां कभी भी और कोई भी मौत की तरह दर्ज हो रहा है। इस बीमारी की मार चौतरफा है रोजी पर, रोजगार पर, तनख्वाह प…

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आईएफएफआई के लिए मीडिया पंजीकरण शुरू

51वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, भागीदारी के लिए ऑनलाइन चैनलों को प्रोत्साहन

गोवा में 16 से 24 जनवरी 2021 के दौरान आयोजित होने वाले भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव - आईएफएफआई के 51वें संस्करण में भाग लेने के इच्छुक मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पंजीकरण शुरू हो गए हैं। वर्तमान कोविड-19 महामारी के कारण 51वें आईएफएफआई को भौतिक और वर्चुअल (हाइब…

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पत्रकारिता के आदर्श पुरुष थे मालवीय और वाजपेयी : राम बहादुर राय

पंडित मदन मोहन मालवीय एवं श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ कार्यक्रम

नई दिल्ली। ''पत्रकारिता के क्षेत्र में पंडित मदन मोहन मालवीय एवं अटल बिहारी वाजपेयी के विचार और उनका आचरण पत्रकारों के लिए आदर्श हैं। इन दोनों राष्ट्रनायकों ने हमें यह सिखाया कि पत्रकारिता का पहला कर्तव्य समाज को जागृत करना ह…

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जब मीडिया सरकार चुन ले तो जनता को अख़बार चलाना पड़ता है

रवीश कुमार।  किसान आंदोलन के बीच एक अख़बार निकलने लगा है। इस अख़बार का नाम है ट्राली टाइम्स। पंजाबी और हिन्दी में है। जिन किसानों को लगा था कि अख़बारों और चैनलों में काम करने वाले पत्रकार उनके गाँव घरों के हैं, उन्हें अहसास हो गया कि यह धोखा था। गाँव घर से आए पत्रकार अब सरकार के हो चुके हैं। किसान आंदोलन के बीच से अख़बार का निकलना भारतीय मीडिया के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन है। जिस मीडिया इतिहास अंग्रेज़ी हुकूमत के ख़िलाफ़ अख़बार निकाल कर संपादकों के जेल जाने का रहा हो उस मीड…

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एक दूसरे के पूरक हैं मीडिया और आरटीआई : उदय माहुरकर

'शुक्रवार संवाद' में बोले भारत सरकार के सूचना आयुक्त

नई दिल्ली। ''सूचना का अधिकार और पत्रकारिता ने एक दूसरे को पूरक के रूप में अंगीकार कर लिया है। इस तरह यह अधिकार और इसके लिए बना कानून पत्रकारिता के कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दे रहा है, वहीं पत्रकारिता ने इस कानून के बनने, स्थापित होने और इसे बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'' यह विचार भारत सरकार के सूचना आयुक्त श्री उदय माहुरकर ने…

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मूक समाज को आवाज दे 'नायक' बने आंबेडकर : प्रो. द्विवेदी

विद्या भारती द्वारा आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में बोले आईआईएमसी के महानिदेशक

नई दिल्ली। ''बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा प्रकाशित सबसे पहला समाचार पत्र 'मूकनायक' था। इस समाचार पत्र के नाम में ही उनका व्यक्तित्व छिपा हुआ है। मेरा मानना है कि वे 'मूक' समाज को आवाज देकर ही उसके 'नायक' बने।'' यह विचार भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेश…

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