साकिब ज़िया। वह 30 मई का ही दिन था, जब देश का पहला हिन्दी अखबार 'उदंत मार्तण्ड' प्रकाशित हुआ था। इसी दिन को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। हिन्दी के पहले अखबार के प्रकाशन को 189 वर्ष हो गए हैं। इस बीच में कई समाचार-पत्र शुरू हुए, उनमें से कई बन्द भी हुए, लेकिन उस समय शुरू हुआ ह…
Blog posts May 2016
हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से व्यवसाय तक, दम तोड़ती कलम
सहारे की पत्रकारिता
30 मई, हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष
मनोज कुमार/ एक बार फिर हम हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाने की तैयारी में हैं. स्मरण कर लेते हैं कि कैसे संकट भरे दिनों में भारत में हिन्दी पत्रकारिता का श्रीगणेश हुआ था तो आज यह विश्लेषण भी कर लेते हैं कि कैसे हम सम्मान को दरकिनार रखकर सहारे की पत्रकारिता कर रह…
तिजोरी के झरोखे से झांकती पत्रकारिता

रमेश प्रताप सिंह। भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल का कार्यकाल क्या पूरा हुआ, तमाम अखबारों के तेवर-कलेवर तो बदले ही पत्रकारिता के जेवर को भी उतारने में कोई कोर-कसर नहीं बाकी रखी। कल तक जो पत्रकारिता को लेकर बड़े-बड़े दावे करते थे, अपनी निष्पक्ष और काबिल पत्रकारिता का ढिंढोरा पी…
दिव्य रश्मि पत्रिका का वार्षिकोत्सव सम्पन्न
पत्रकारिता सहित, कई क्षेत्रों में बेहतर कार्य के लिए कई विशिष्ट लोग सम्मानित
पटना/ आज आई एम ए हाल के प्रांगण में दिव्य रश्मि मासिक पत्रिका का प्रथम वार्षिकोत्सव मनाया गया । कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया । कार्यक्रम का प्रारम्भ अभय मिश्…
मीडियाकर्मी पर हमला
पटना। द टेलीग्राफ अखबार के प्रोडक्शन मैनेजर राकेश कुमार सिंह पर देर रात हमला हुआ। टेलीग्राफ अखबार के एक मीडिया कर्मी ने अपने फेसबुक वाल पर आज सुबह यह जानकारी दी कि रात के ढाई बजे थे एक फोन आया कि बेली रोड पुल पर से रात्रि ड्यूटी करके आ रहे द टेलीग्राफ अखबार के प्रोडक्शन मैनेजर राकेश कुमार सिंह को गा…
घरों में जैवईंधन के उपयोग से पटना में गहराता वायु प्रदूषण
“सीड” ने की सरकार से क्लीन कुकिंग के लिए तत्काल कदम उठाने की गुजारिश, मीडिया से इस संबंध में लोगों को जागरूक करने को आह्वान
साकिब जिया / पटना । पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षित ऊर्जा विकल्पों पर काम करने वाली संस्था ‘सेंटर फॉर एन्वायरोमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट’ (सीड) ने 27 मई को पटना में खाना पकाने क…
ब्राज़ील से लेकर भारत तक
नेता, सेना, कारपोरेट, और ‘मीडिया कार्टेल’ की साँठगाँठ
रवीश कुमार। भारत की मीडिया को शायद वक्त न मिले लेकिन अगर आप ब्राज़ील में हो रही घटना पर नज़र डालेंगे तो नेता, सेना, कारपोरेट, और ‘मीडिया कार्टेल’ की साँठगाँठ के ख़तरे को समझ पायेंगे । यह ज़रूर है कि ब्राज़ील की विस्थापित राष्ट्रपति दिल्मा रॉ…
उपरवाले के घर से
(मैं, राजदेव रंजन)
ग़ुलाम कुन्दनम//
उपरवाले के घर से मैं,
राजदेव रंजन बोल रहा हूँ।
मेरे साथ चतरा के इंद्रदेव,
चंदौली के हेमंत,
शाहजहांपुर के जगेंद्र,
बरेली के संजय ही नहीं,
देश के कई अन्य
पत्रकार भी हैं।
नेता-माफिया-अपराधी गठजोड़
हमें ही ढूँढना होगा तोड़,
हमारे हत्यारे
अक्सर बच जात…
क्या सभी जाति, धर्म, सम्प्रदाय के पत्रकार नारद को अपना पूर्वज मानते हैं?
नारद जयन्ती (23मई) पर एक लेखक का अपना विचार
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ मुझे पता ही नहीं था कि आज किसी ऐसे आदि पत्रकार की जयन्ती है जो ब्रम्हाण्ड का सर्वप्रथम पत्रकार कहलाता है। उसे लोग नारद कहते हैं। किसी पत्रकार से पता चला कि आज नारद जयन्ती है तो कुछ लिखने का मूड हो आया। होता भी क्यों न जब आदि…
अस्सी नब्वे के दशक में संपादक की रीढ़ भी होती थी
पलाश विश्वास। पूरे सूबे में आग की तरह भड़के महतोष आंदोलन के सिलसिले में तत्काकालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने एकदम लाचारी में धीरेंद्र मोहन को नहीं, सीधे दैनिक जागरण के प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन को एकबार नहीं दो- दो बार फोन मुझे तुरंत हटाने के लिए किया था और दोनों बार उनने मु…
स्मृतियां ही बनाती हैं मनुष्यः संजय द्विवेदी

विश्व संग्रहालय दिवस पर दुष्यन्त संग्रहालय में ‘शब्द-चित्र’ और वरिष्ठ रंगकर्मी हमीद मामू सम्मानित
भोपाल। ‘‘स्मृतियाँ हमारे जीवन का अनिवार्य अंग है। स्मृतियाँ ही हमें मनुष्य बनाती हैं। दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय इन स्मृतियों को संजोकर रखने का अनमोल कार्य का रहा है।’’-ये विचार थ…
राज्यपाल से मिला बिहार श्रमजीवी पत्रकार संघ का प्रतिनिधि मंडल
पत्रकारों पर हो रहे हमलो को ले, सौंपा मांगो से सम्बंधित ज्ञापन
पटना। सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या और बिहार में पत्रकारों पर हो रहे हमलो को लेकर आज पटना में महामहिम राज्यपाल प्रतिनिधि मंडल मिला और उन्हें अपनी मांगो से सम्बंधित ज्ञापन सौपा। महामहिम से अपील की गई की बिहार में लोकतंत्र का चौ…
इम्वा अवार्ड से कई पत्रकार सम्मानित
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नजमा हेपतुल्लाह ने चयनित पत्रकारों को किया पुरस्कृत
साकिब ज़िया /दिल्ली। देश में पत्रकारों की संस्था इंडियन मीडिया वेल्फेयर एसोसिएशन (इम्वा) ने अपना पांचवा अवार्ड समारोह आयोजन किया। यह कार्यक्रम दिल्ली के मावलंकर ऑडिटोरियम में कराया गया। सम्मान समारोह में केंद्री…
बिहार में पत्रकारिता का वीभत्स चेहरा
एक ओर शहादत, दूसरी ओर पेशे को कलंकित करने वाले भी
श्रीकृष्ण प्रसाद/ पटना। विगत दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक चेहरे देखने को मिल रहे हैं । बिहार में सीवान के राजदेव रंजन जैसे पत्रकार देश, समाज और अपने मीडिया हाउस के हित और सुरक्षा में अपनी कीमती जिन्दगी की कुर्बानी दे रहे हैं । दूसर…
जय - वीरू का ये कैसा वनवास...!!

इन जैसे सहज - सरल पात्रों को फिल्म जगत ने एक तरह से लंबे वनवास पर ही भेज दिया है
तारकेश कुमार ओझा / सत्तर के दशक की सुपरहिट फिल्म शोले आज भी यदि किसी चैनल पर दिखाई जाती है तो इसके प्रति द र्शकों का रुझान देख मुझे बड़ी हैरत होती है। क्योंकि उस समय के गवाह रहे लोगों का इस फिल्म की ओर झुकाव तो स…
दिल्ली में उर्दू पत्रकारिता
शाहिदुल इस्लाम की उर्दू पत्रकारिता से सम्बंधित पुस्तक ‘दिल्ली में असरी उर्दू सहाफ़त‘,पर बिहार के जाने माने लेखक श्री जाबिर हुसैन जी का एक आलेख
जाबिर हुसैन / हाल में, बिहार के ही एक चर्चित उर्दू पत्रकार, शाहिदुल इस्लाम, ने उर्दू सहाफ़त (पत्रकारिता) को लेकर एक गंभीर, शोधपरक किताब लिखी है। शीर्षक है…
बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या खतरनाक संकेत:रिहाई मंच
पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी मोदी सरकार की एक और ओछी हरकत
लखनऊ। रिहाई मंच ने बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। मंच ने मोदी सरकार द्वारा नीतिगत आधार पर मुसलमानों को योगा ट्रेनिंग के लिए नहीं नियुक्ति करने सम्बंधित …
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बने विशेष कानून
भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने कहा
साकिब ज़िया/दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने बिहार और झारखंड में दो पत्रकारों की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाना चाहिए…
जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ बिहार का आक्रोश मार्च
पटना/ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के विरोध में जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ बिहार के सदस्यों ने आक्रोश मार्च निकाला और पत्रकार के परिवार को 25 लाख मुआवजा,उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी व उनके बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग की.इसके अलावा हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी व स्पीडी ट्राइल करने …
जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ बिहार का आक्रोश मार्च
पटना/ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के विरोध में जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ बिहार के सदस्यों ने आक्रोश मार्च निकाला और पत्रकार के परिवार को 25 लाख मुआवजा,उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी व उनके बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग की.इसके अलावा हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी व स्पीडी ट्राइल करने …
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- बीबीसी की पंक्तियां चोरी करके आजतक बनेगा भरोसेमंद चैनल !
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- सदस्यों की समस्याओं के निवारण के लिए नियमित बैठक
- शीघ्र होगा सभी जिला इकाइयों का गठन
- डब्ल्यूजेएआई बिहार अगस्त में आयोजित करेगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम
- झारखंड में डब्ल्यूजेएआई की नई टीम गठित
- एमसीयू में तनाव प्रबंधन पर कार्यक्रम
- अमरनाथ झा : पत्रकारिता से नदी-पानी के जनसरोकार तक की अविस्मरणीय यात्रा
- डब्ल्यूजेएआई बिहार प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन
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सुख मंगल सिंहJuly 4, 2026
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कैलाश दहियाJuly 3, 2026
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Kailash DahiyaJuly 3, 2026
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Omprakash KashyapJune 30, 2026
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foo barMarch 2, 2025
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रवि अहिरवारJanuary 6, 2025
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पंकज चौधरीDecember 17, 2024
सम्पादक
डॉ. लीना
