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निजी समाचार चैनलों की अधिकता के बावजूद उर्दू समाचार आज भी लोकप्रिय:तौकीर आलम

आकाशवाणी पटना के उर्दू बुलेटिन के रजत जयंती पर ‘‘मीडिया में उर्दू रेडियो बुलेटिन की भूमिका’’ पर चर्चा

पटना। आकाशवाणी पटना के प्रादेशिक समाचार एकांश से प्रसारित उर्दू बुलेटिन, इलाकाई खबरें ने आज अपना 25 वर्ष पूरा कर लिया है। आज ही के दिन 1989 को पटना से उर्दू बुलेटिन का प्रसारण अपराह्न तीन बजकर पन्द्रह मिनट पर शुरू हुआ था। उर्दू बुलेटिन के पच्चीस वर्ष पूरा होने पर आज रजत जयंती का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर ’’उर्दू मीडिया में रेडियो बुलेटिन की भूमिका’’ विषय पर चर्चा की गयी। इस मौके पर मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी, विश्वविद्यालय पटना के प्रति कुलपति प्रोफेसर तौकीर आलम ने कहा कि निजी समाचार चैनलों की अधिकता के बावजूद रेडियो समाचार आज भी ग्रामीण क्षेत्र में काफी लोकप्रिय है। इस अवसर पर भारतीय सूचना सेवा के पूर्व अधिकारी मोहम्मद जियाउद्दीन अहमद ने उर्दू भाषा की तहजीब पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रादेशिक समाचार एकांश के समाचार संपादक संजय कुमार ने उर्दू बुलेटिन की लोकप्रियता की चर्चा की। उन्होंने कहा कि “ईलाकाई खबरें” बुलेटिन का 25 वर्ष पूरा करना आकाशवाणी पटना के लिए गौरव की बात है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि ईलाकाई खबरें बुलेटिन को लेकर कभी भी किसी स्तर पर शिकायत सुनने को नहीं मिली। यही नहीं उर्दू ने कभी भी हिन्दी बुलेटिन से दावेदारी नहीं की और न हिन्दी ने ही उर्दू बुलेटिन को कमजोर करने का प्रयास किया। उर्दू एकांश से जुड़े कर्मियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

आकाशवाणी संवाददाता दिवाकर कुमार सहित उर्दू एकांश से जुड़े पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में मोहम्मद जियाउद्दीन अहमद, शानुर्रहमान सहित उल्लेखनीय योगदान करने वाले उर्दू एकांश से जुड़े पत्रकारों रेहान गनी, अंजुम आलम, राशिद अहमद, इमरान सगीर, एक्रामुल हक, सुरैया जबी, इकबाल अहमद, तारिक फातमी, शगुफ्ता यासमीन और इम्त्यिाजुल हक खान को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समारोह में मोहम्मद जियाउद्दीन अहमद, शानुर्रहमान सहित उल्लेखनीय योगदान करने वाले उर्दू एकांश से जुड़े पत्रकारों रेहान गनी, अंजुम आलम, राशिद अहमद, इमरान सगीर, एक्रामुल हक, सुरैया जबी, इकबाल अहमद, तारिक फातमी, शगुफ्ता यासमीन और इम्त्यिाजुल हक खान को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

 

 

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