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पत्रकार अजीत अंजुम ने छात्रों को दिए सफलता के सूत्र

हिमकॉम में पत्रकारिता छात्रों के बीच संवाद में कई मुद्दों पर भी बोले वरिष्ठ पत्रकार अंजुम

दिल्ली / पत्रकार का काम ये नहीं कि सत्ता में बैठे लोगों के साथ हाथ में हाथ मिलाकर काम करें, पत्रकार का काम हैं, जो चीजें छिपी हुई हैं उसे जनता तक अपनी बात पहुचायें समाज में मूलभूत सुविधा बचा हैं या नहीं जो चीज आपको पता हैं लेकिन किसी को पता नहीं उसे लोगों को बताएं। ये बातें शुक्रवार को दिल्ली के महारानी बाग़ स्थिति हेरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कम्युनिकेशन (हिमकॉम) में पत्रकारिता के छात्र संवाद में इंडिया टीवी में पूर्व मैनेजिंग एडिटर और टीवी दुनिया के जाने माने चर्चित चेहरे वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने कही। उन्होंने कहा कि  एक पत्रकार के लिए किसी भी खबर को लेकर पक्षपात नहीं होना चाहिए किसी धर्म या जाति विशेष को टारगेट नहीं करना ही पत्रकार के लिए सच्ची पत्रकारिता कहलाती हैं। किसी एक पक्ष के तरह अपना बयान और एक तरफा नहीं होना चाहिए।

श्री अंजुम ने कहा कि आज की मीडिया इसलिए दो भागों में बटती दिख रही हैं कि अभी के समय में पत्रकारिता कम पक्षकारिता ज्यादा हो गयी हैं, कुछ न्यूज़ चैनल में रात को 9 बजे टीवी पर आकर राष्ट्रवादी पत्रकार और डिज़ाइनर पत्रकार की जो बात करते हैं, उन्हें अपने बारे में सोचना चाहिए कि वह कौन से पत्रकार हैं। ऐसे पत्रकार कुएँ में ही भांग डाल रहे हैं एक एक लोटा खुद पीकर पत्रकार बन गए, अब लोगों के बीच जाकर पिला रहे हैं। ऐसे पत्रकारों से आपलोगों को बचना चाहिए। उन्होंने छात्रों के सवालों के जबाब में कहा कि मैंने शुरुआती दौर से ही काफी मेहनत किया हैं, फिर जाकर बड़े बड़े न्यूज़ चैनल में मैनेजिंग एडिटर बन पाया। वहीं छात्रों को ससेक्स के कई टिप्स भी दिए और कहा साल में मुझे दो दिन बहुत ही कष्टदायक वाला दिन होता हैं, होली और दीवाली के बाद वाले दिन अखबार नहीं आने से मेरे अंदर बैचनी होने लगती हैं। उस दिन अगले दिन का अखबार बचा के रखता हूँ ताकि इस दिन अखबार पढ़ सकूँ।

स्टूडेंट्स को जोर देते हुए कहा कि पेपर रीडिंग,  राइटिंग, इन सब चीजों को अपने एंगल में खबरों को समझने के लिए रोज के तरह न्यूज़ अपडेट ज्यादा से ज्यादा किसी भी टॉपिक पर गहन जानकारी हासिल हो तभी आप एक अच्छे सफल पत्रकार बन सकते हैं। आधा अधूरी जानकारी रहने से आपके पास सफलता नही पा सकते।

वहीं उन्होंने कहा कि एक एंकर के लिए सबसे कठिन समय उस समय होता हैं जब बुलेटिन के बीच में कोई बड़ा ब्रेकिंग न्यूज़ आ जाये उस समय बहुत मुश्किल आ जाती हैं जब आपके पास उसके बारे में आधी अधूरी जानकारी हो फिर उसको कैसे हैंडल करना हैं। इन सब चीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं।अंत में पत्रकारिता के छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।इस मौके पर मैजूद हिमकॉम के डीन और वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रकाश, हिमकॉम इंस्टिट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर सैयद मसूद,एच.सी.एन न्यूज़ के चैनल हेड सैयद फहीम और पत्रकारिता के सैकड़ों छात्र-छात्राएं आदि मैजूद थी।

‌कुमोद कुमार की रिपोर्ट

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