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अब याद बनकर रह गई

हीरालाल प्रसाद/ बीबीसी शाँर्टवेव रेडियो का प्रसारण 31जनवरी 2020 से बंद होने से राष्ट्र के बीबीसी के श्रोता काफी भावुक एवं दुखी हैं।

बीबीसी सेवा बंद होने के पहले बीबीसी जुड़ी यादों के लेकर बीबीसी हिन्दी सेवा लगातार श्रोताओं के संदेश को पढा श्रोताओं नी काफी भावुकता से अपने दिल में संजोकर रखे बीबीसी की यादों को खूलकर रखी।देश के बीबीसी के अनेक श्रोताओं ने पुरानी यादों को ताजा की।  

ज्ञात हो कि बीबीसी की विश्वासनीयता 80 वर्षों तक बरकरार रही.अगर बीबीसी पर कोई खबर चल गई तो आम लोगों एवं बीबीसी के तमाम श्रोता में विश्वास हो जाता था कि खबर सही हैं।भारत बीबीसी के करोड़ों श्रोता हैं. जो हर मामले में प्रबुद्ध हैं. और नियमित श्रोता है जो काफी मर्माहत हैं।

बीबीसी हिन्दी सेवा भारत में 10 may 1940 को 10 मिनट समाचार बुलेटिन के साथ पहला प्रसारण हुआ था।

बीबीसी के द्वारा यह भी बताया गया है कि बीबीसी सेवा शँर्टवेव पर प्रसारण बंद होने के वावजूद अब डिजिटल के माध्यम से कुछ नियमित कार्यक्रम विवेचना, दुनिया-जहां डिजिटल आँडियों के रुप में प्रसारण होता रहेगा।

खैर जो भी हो अब राजेश जोशी, रेहान फजल, पंकज प्रियदर्शी, रुपा झा, रामदत्त त्रिपाठी, मणि कांत ठाकुर, शाहिद एकबाल, ओंकार नाथ, रांची बीबीसी सेवा के रविप्रकाश जी दमदार अब यादें बनकर रह गई। सुबह 6:30-एवं दिनभर शाम 7:30 का बीबीसी की याद दिलाती रहेंगी।

(हीरालाल प्रसाद पत्रकार व रेडियो आर. जे. हैं)

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