मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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न्यूज सप्लायर

अम्बरीष कुमार/ कल जनसत्ता के एक स्ट्रिंगर का फोन आया बोला ,आपके जाने के बाद समूचे यूपी बिहार मध्य प्रदेश जैसे ज्यादातर राज्यों में कोई वेज बोर्ड वाला तो छोड़िए बिना बोर्ड वाला भी रिपोर्टर नही है ।समूचे पूर्वी भारत में एक रिपोर्टर जो थे उन्होंने इस्तीफा दे दिया दो महीने पहले । अब नया अनुबंध एक्सप्रेस समूह का प्रबंधन जनसत्ता के रिपोर्ट देने वालों से कर रहा है ।इसमें दो तथ्य महत्वपूर्ण हैं पहला जिससे यह अनुबंध हो रहा है वह स्टाफ का आदमी नही है । दूसरा वह न्यूज का सप्लायर है संवाददाता नही ।इस अनुबंध की वजह से बहुत से रिपोर्टर जिन्हें मैंने रखा था सभी की मान्यता खत्म हो गई ।होनी भी चाहिए आखिर वे पत्रकार तो रहे नही सप्लायर जो बन गए । सप्लायर जानते हैं न वही जिसका जिक्र साहब ने डॉक्टरों के संदर्भ में किया था । और भुगतान वही पांच रुपए चार आना पर कालम पर सेंटीमीटर के हिसाब से ।अच्छे दिन ऐसे ही होते हैं ।

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