मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन

कोविंद और मोदी ने नैयर के निधन पर जताया शोक

नयी दिल्ली/ जाने-माने पत्रकार कुलदीप नैयर का बुधवार देर रात यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार अपराह्न एक बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा। 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर के निधन पर शोक व्यक्त किया है । उन्होंने गुरुवार को कहा कि वह स्पष्टवादी, निर्भीक और लोकतंत्र के बड़े हिमायती थे। श्री कोविंद ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री नैयर एक प्रमुख संपादक और लेखक, कूटनीतिज्ञ तथा सांसद थे। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। लोग उनकी लेखनी को हमेशा याद करते रहेंगे। राष्ट्रपति ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

श्री मोदी ने कहा, “कुलदीप नैयर हमारे समय के असाधारण बुद्धिजीवी थे। अपने विचारों को लेकर स्पष्ट एवं निर्भीक थे। आपातकाल के खिलाफ उनका कड़ा रूख तथा जन सेवा और बेहतर भारत बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं।”

कुलदीप नैयर का जन्म चौदह अगस्त 1923 को पंजाब के सियालकोट (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वह एक प्रख्यात पत्रकार, स्तंभकार और मानवाधिकारी कार्यकर्ता थे। वह ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त रहें और उन्हें 1997 में राज्यसभा का सदस्य भी बनाया गया। कई किताबें लिख चुके श्री नैयर वर्षों तक केंद्र सरकार में प्रेस सूचना अधिकारी रहे। वह संवाद समिति यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया, अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस और स्टेट्समैन से भी जुड़े रहें। उन्होंने ‘द लंदन टाइम्स’ में भी संवाददाता के रूप में सेवाएं दी। 

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को श्री नैयर के नाम पर ‘कुलदीप नैयर पत्रकारिता पुरस्कार’ भी प्रदान किया जाता है। पत्रकारिता जगत में उनकी उत्कृष्ट भूमिका के लिए 2015 में उन्हें प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

श्री नैयर पिछले काफी दिन से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे। उनका कल मध्यरात्रि के बाद लगभग साढ़े बारह बजे निधन हो गया। 

Go Back

Comment