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राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक उपलब्धियां होंगी प्रकाशित

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा आयोजित लेखक सम्मेलन में इन्हें संकलित व प्रकाशित करने पर हुई चर्चा 

पटना/ प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आज लेखक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन कर्पूरी ठाकुर सदन स्थित पत्र सूचना कार्यालय परिसर, पटना में किया गया जिसमें बिहार के गणमान्य साहित्यकार एवं लेखक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्येश्य प्रकाशन विभाग की नई पहल के संबंध में राज्य के साहित्यकारों एवं लेखकों को अवगत कराना था, जिसके अंतर्गत बिहार के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक व सांस्कृतिक विषयों पर पुस्तक प्रकाशित करने की योजना बनाई गई है। सम्मेलन की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) एवं क्षेत्रीय आउटरिच ब्यूरो (आरओबी), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, पटना के महानिदेशक मयंक कुमार अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में सम्मिलित साहित्यकारों व लेखकों में पद्म श्री से सम्मानित उषा किरण खान, रामवचन राय, अरूण नारायण, डॉ. सी रा प्रसाद, भावना शेखर, शिवदयाल, बलराम तिवारी, नृपेंद्र नाथ गुप्त, पवन प्रत्यय, संजीव कुमार, कुमार दिनेश, मुसाफिर बैठा, विश्वमोहन तथा डॉ. पूनम सिन्हा शामिल थे। इस अवसर पर प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली के निदेशक राजेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय आउटरिच ब्यूरो, पटना के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी, पटना के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक संजय कुमार, समाचार एकांश, दूरदर्शन केंद्र पटना की उपनिदेशक श्वेता सिंह, सहायक निदेशक सलमान हैदर सहित मंत्रालय के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।  

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीआईबी एवं आरओबी, पटना के महानिदेशक मयंक कुमार अग्रवाल ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक, शैक्षणिक व सांस्कृतिक दृष्टि से तो संपन्न है, ही यहां की लोककलाएं व लोकसंगीत भी काफी आकर्षक मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में सामाजिक उत्थान और महिला सशक्तिकरण के लिए भी काफी प्रयास किए गए हैं। राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की विभिन्न पहलुओं को समग्रता प्रदान के लिए आवश्यक है कि उसे संकलित कर प्रकाशित किए जाएं और ऐसा तभी संभव होगा जब बिहार के बुद्धिजीवियों विशेष तौर पर यहां के लेखक एवं साहित्यकार इस जिम्मा को उठाए।

श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रकाशन विभाग, भारत सरकार राज्य की विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक उपलब्धियों को एक विशेष पहल के तहत प्रकाशित करने की योजना बना रही है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल गणमान्य साहित्यकारों एवं लेखकों से आग्रह करते हुए कहा कि प्रकाशन विभाग की इस पहल में योगदान करें। 

इस अवसर पर प्रकाशन विभाग के निदेशक राजेंद्र चौधरी ने कहा कि विभाग लेखक सम्मेलन के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के लेखकों से संपर्क साधने का प्रयास कर रहा है ताकि उच्च कोटि के साहित्य प्रकाशन के लिए जा सकें।

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