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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अहम

पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, पटना ने किया द्वारा  क्षेत्रीय मीडियाकर्मियों के लिए एकदिवसीय कार्यशाला - “वार्तालाप” का आयोजन 

मोतिहारी/ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की प्रमुख मीडिया इकाई, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना द्वारा मोतिहारी (पूर्वी चंपारण जिले) में 28 फरवरी, 2019 को क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला –“वार्तालाप”का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी, रमण कुमार, पीआईबी, पटना के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक संजय कुमार और जिले के वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रभूषण पांडेय द्वारा संयुक्त रूप से दीप-प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस कार्यशाला में पूर्वी चम्पारण जिला मुख्यालय के वरिष्ठ पत्रकारों के साथ-साथ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व अन्य मीडिया से जुड़े मीडियाकर्मियों ने भाग लिया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी रमण कुमार ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अहम है। हिन्दुस्तान का स्वरुप और मजबूत बने इसके लिए जरुरी है जनहित और जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता को मिले। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार चाहती है कि योजनाओं की जानकारी और लाभ लोगों तक पहुँचे लेकिन पूरी और सही जानकारी नहीं पहुँच पाती, इसके लिए मीडिया के साथ साथ प्रसाशन को भी मिल कर आगे आना होगा।

इससे पूर्व अतिथियों और मीडियाकर्मियों का स्वागत पीआईबी, पटना के निदेशक दिनेश कुमार ने किया। श्री कुमार ने कार्यशाला के उदेश्यों की चर्चा करते हुए विषय प्रवेश पर कहा कि सूचना को समाचार में तब्दील करने की कला ही सच्ची पत्रकारिता है। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद पत्रकारों से कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उसकी सफलता में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है।  उन्होंने यह भी कहा कि इंसान ही ऐसा जैविक समुदाय है जो चेतनाओं से युक्त है लेकिन इस बात की महत्ता इसमें है कि प्रकृति प्रदत इस लाभ का कैसे सदुपयोग किया जाए।

पीआईबी पटना के सहायक निदेशक संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से क्षेत्रीय मीडिया और पीआईबी के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश की जा रही है ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने कहा कि मीडिया बदलाव के दौर में है लोगों की उम्मीदें इससे काफी है, उन तक उनकी योजनाएं नहीं पहूँचती तो मीडिया को इसकी सूचना देते है।

कार्यशाला के विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रभूषण पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता बदलाव के दौर से गुजर रहा है तथा इसमें जहां एक ओर सकारात्मकाता को बोध हुआ है तो कुछ हद तक पतन भी। बदलते इस दौर में तकनीकी सहयोग से पत्रकार अधिकतम और सुदूर क्षेत्र से भी खबरें ला पा रहे हैं लेकिन पत्रकारिता में व्यवसायिकता की सोच में वृद्धि ने इसे नुकसान भी पहुंचाया है। श्री पांडेय ने कहा कि सरकार की जो योजनाएं चल रही है वो लोगों तक पूरी तरह से नहीं पहुँच पा रही है, पत्रकार जोखिम उठा कर अपना काम कर रहा है इसमें प्रसाशन की सहभागिता अहम है। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार सतीश चन्द्र मिश्र ने  पत्रकारिता के समक्ष कठिनाईओं और चुनौती की चर्चा की और कहा कि पत्रकारिता से आम लोगों की अपेक्षाएं बढी है। उन्होनें कहा कि सीधे मीडिया से जुड़ती है और उनके लिए चलाए जा रहे कार्यों की उपेक्षा से हमें अवगत कराती हो।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में मुद्रा योजना पर सेन्ट्रल बैंक आँफ इंडिया, मोतिहारी के प्रबंधक रामेश्वर रजक और किसानों की आय दोगुनी योजना पर जिला कृषि पदाधिकारी ओंकारनाथ सिंह ने विस्तार से प्रकाश डाला। मुद्रा योजना और किसानों की आय दोगुनी योजना पर वक्ताओं से पत्रकारों ने कई अहम सवाल किये। पत्रकारों का सवाल था कि योजनओं का लाभ सही ढंग से लाभर्थियों को नहीं मिल पा रहा है, पत्रकारों ने सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों का मिले इसके लिए विभाग और मीडिया के बीच समन्वय की पहल पर जोर दिया।

उद्घाटन सत्र के दौरान पी.आई.बी. के ज्ञान प्रकाश के द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागी मीडियाकर्मियों को पीआईबी के मुख्य कार्यों, प्रणालियों, संगठनात्मक संचरना, विशेष सेवाओं, पीआईबी की वेबसाईट इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।

समापन सत्र के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने कार्यशाला के आयोजन, महत्व एवं उपयोगिता के संबंध में अपने विचार लिखित फीडबैक के रूप में पीआईबी, पटना को सौंपे। कार्यशाला का संचालन पी.आई.बी. के सहायक निदेशक संजय कुमार ने किया।

बिहार में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला- वार्तालाप का यह 11 वां आयोजन था। इससे पूर्व यह नवादा, गया, मुजफ्फरपुर, आरा, कैमूर, औरंगाबाद, नालंदा, जहानाबाद, अररिया और सारण जिलों में आयोजित किया गया।

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