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हिन्दुस्तान के फर्जी संस्करण और सरकारी विज्ञापन घोटाला में जांच शुरू

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुंगेर पुलिस ने दैनिक हिन्दुस्तान के घोटाला में जांच शुरू की

मुंगेर। सुप्रीम कोर्ट के 11 जुलाई 2018 के आदेश के आलोक में मुंगेर के पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी मुंगेर संस्करण और 200 करोड़ रूपए के सरकारी विज्ञापन घोटाला में जांच शुरू कर दी है । 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आने के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445। 2011 की नामजद अभियुक्त व हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड ।नई दिल्ली। की चेयरपर्सन शोभना भरतिया और अन्य नामजद अभियुक्तों और सूचक मन्टू शर्मा से अपना-अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। 

इस बीच, सूचक मन्टू शर्मा ने अपने अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद के साथ लिखित रूप में पुलिस अधीक्षक के समक्ष  अपना पक्ष रख दिया है । पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभियुक्तों की ओर से भी अपना पक्ष पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश कर दिया गया है ।

स्मरणीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2018 के अपने आदेश में मुंगेर कोतवाली कांड संख्या- 445। 2011 में अविलंब जांच पूरा करने का आदेश दिया था । 

सुप्रीम कोर्ट में प्रथम नामजद अभियुक्त शोभना भरतिया की ओर से दायर स्पेशल लीव पीटिशन। क्रिमिनल।-1603। 2013 । जो बाद में क्रिमिनल अपील संख्या- 1216। वर्ष 2017 मे तब्दील हो गया । में सुप्रीम कोर्ट के  05 मार्च 2013 के आदेश में मुंगेर कोतवाली थाना-कांड संख्या- 445। 2011 में प्राथमिकी से निकलने वाली सभी प्रकार की कानूनी काररवाई यथा पुलिस अनुसंधान, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और अदालती काररवाई पर पूरी तरह ‘‘रोक‘‘ लगी थीं । वर्ष 2018 के 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में लगी सभी प्रकार की रोक को हंटा लीं और मुंगेर पुलिस को त्वरित जांच पूरा करने का आदेश जारी किया ।

आज की तिथि में मुंगेर पुलिस अभियुक्तिकरण की काररवाई के बाद मुंगेर कोतवाली थाना-कांड संख्या -445।2011 में  नामजद किसी भी नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार करने की स्थिति में है ।

स्मरणीय है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश माननीय अरूण मिश्रा और न्यायाधीश माननीय एस0 अब्दुल नजीर ने 11 जुलाई 2018 को मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445। 2011 में  ऐतिहासिक फैसला सुनाया था । प्रथम अभियुक्त शोभना भरतिया कोतवाली कांड संख्या-445।2011 को रद्द ।ख्त्म। करने की प्रार्थना लेकर सुप्रीम कोर्ठ 2013 में  गई थीं ।

सुप्रीम कोर्ट के ओदश के आलोक में 05 मार्च 2013 से 11 जुलाई 2018 तक मुंगेर कोतवाली थाना कांड संख्या-445। 2011 में पुलिस अनुसंधान पूरी तरह स्थगित रहा । 

ग्यारह जुलाई को रेस्पोन्डेन्ट नं0- 02 मन्टू शर्मा, जो मुंगेर कोतवाली थाना कांड संख्या- 445 । वर्ष 2011 मे वादी हैं, की ओर से स्रप्रीम कोर्ट में मुंगेर के वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद, पुत्र स्वर्गीय श्रीकाशी प्रसाद,  ने ऐतिहासिक बहस कीं और मुकदमे में जीत दिलाई । 

मुंगेर कोतवाली में दर्ज पुलिस प्राथमिकी में वादी व सामाजिक कार्यकत्र्ता मन्टू शर्मा ने आरोप लगाया है कि कंपनी की चेयरपर्सन शोभना भरतिया । नई दिल्ली।, प्रधान संपादक ,दैनिक हिन्दुस्तान, शशिशेखर, पटना संस्करण, दैनिक हिन्दुस्तान के कार्यकारी संपादक अक्कू श्रीवास्तव, भागलपुर संस्करण।दैनिक हिन्दुस्तान। के स्थानीय संपादक बिनोद बन्धु और कंपनी के मुद्रक और प्रकाशक अमित चोपड़ा ने वर्ष 2001  के 01 अगस्त से 30 जून, 2011 तक अवैध ढंग से दैनिक हिन्दुस्तान का बिना निबंधन वाले फर्जी मुंगेर संस्करण का प्रकाशन किया और पूरे ग्यारह वर्षों तक इस नाम के पटना संस्करण के दैनिक हिन्दुस्तान के नाम प्रेस रजिस्ट्र्ार ।नई दिल्ली। की ओर से  वर्ष 1986 में आवंटित निबंधन-संख्या-44348 ।वर्ष 1986 को मुंगेर के फर्जी हिन्दुस्तान संस्करण में लगातार छापते रहे और फर्जी संस्करण को वैध।कानूनी। संस्करण सरकार और जनता के समक्ष पेश कर केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और मुंगेर जिला और  पुलिस प्रशासन से अवैध ढंग से लगभग दो सौ करोड़ का सरकारी विज्ञापन प्राप्त किया ,उसे प्रकाशित किया और सरकार के खजाने में इतनी बड़ी राशि का चूना लगाया ।

पुलिस की प्राथमिकी में पुलिस ने सभी वर्णित नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध प्रेस एण्ड रजिस्ट्र्ेशन आव् बुक्स एक्ट, 1867 की धाराएं 8।बी।, 14 और 15 और भारतीय दंड संहित की धाराएं 420। जालसाजी और धोखाधड़ी से विज्ञापन प्राप्त करना।, 471। पटना संस्करणके निबंधन प्रमाण-पत्र को गलत ढंग से मुंगेर के फर्जी संस्करण को वैध संस्करण बनाने में प्रयोग करना ।और 476 । पटना संस्करण की निबंधन संख्या - आर0एन0आई नं0- 44348 । वर्ष 1986 को मंुगेर संस्करण में छापकर फर्जी संस्रकण को कानूनी। वैध संस्करण का रूप सरकार और जनता के समक्ष पेश करना, दर्ज की  है । 

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