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‘योजना’ का विशेष अंक जारी

सूचना और प्रसारण सचिव ने जारी किया रोजगार और स्‍व-रोजगार विषय पर पत्रिका का यह विशेष अंक

नई दिल्ली/ सूचना और प्रसारण सचिव श्री अमित खरे ने रोजगार और स्व-रोजगार पर ‘योजना’ पत्रिका के विशेष अंक को कल जारी किया। इस विशेष अंक के विषय ‘रोजगार और स्‍वरोजगार का चयन हाल की रिपोर्टों तथा अर्थशास्त्रियों की ऐसी टिप्‍पणियों पर आधारित था कि रोजगार संबंधी आंकड़े देश में रोजगार की स्थिति तथा रोजगार सृजन की सही तस्‍वीर पेश नहीं करते।

इस अंक में प्रकाशित लेख भारत सरकार के सचिवों, फिक्‍की जैसे पेशेवर संगठनों के विशेषज्ञों तथा नीति आयोग के विशेषज्ञों द्वारा लिखे गये हैं और लेखों में विषय के विभिन्‍न पक्षों के बारे में समग्र राय प्रस्‍तुत की गई है।

इस विशेष अंक में विश्‍वसनीय रोजगार डाटा से लेकर पेरोल रिपोर्टिंग के लाभ, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका अवसर सृजन से लेकर रोजगार के नये इंजन के रूप में एमएसएमई, प्रमुख रोजगार सृजन के रूप में उद्यमशीलता से लेकर भारतीय श्रम बाजार के विभिन्‍न पहलूओं का विस्‍तृत विश्‍लेषण किया गया है। इस अंक में मुद्रा जैसे विभिन्‍न कार्यक्रमों से संबंधित सफलता की कहानियों को भी शामिल किया गया है।

इस अवसर पर प्रकाशन विभाग की महानिदेशक श्रीमती साधना राउत तथा मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे।

योजना सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित की जाने वाली विषय आधारित पत्रिका है। इसका प्रकाशन 13 भाषाओं में किया जाता है और इसकी  संयुक्‍त प्रसार संख्‍या लगभग दो लाख हैं। योजना के पाठक आठ लाख से अधिक हैं। यह पत्रिका नियोजन और विकास संबंधी विषयों तथा देश के अन्‍य सामाजिक, आर्थिक विषयों पर विमर्श का मंच प्रदान करती है और विभिन्‍न विषयों पर आम पाठकों को विश्‍लेषण सम्‍पन्‍न सामग्री प्रस्‍तुत करती है। पिछले एक वर्ष में इस पत्रिका ने विमुद्रीकरण, जीएसटी, सामाजिक सुरक्षा, बैंकिंग सुधार, केन्‍द्रीय बजट 2018-19, भारत की विकास यात्रा, एमएसएमई तथा उपभोक्‍ता जागरूक जैसे समकालीन विषयों पर फोकस किया है। अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ और जाने-माने लेखक इस पत्रिका में लिखते है। इनमें भारत सरकार के सचिव शामिल हैं।

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