'दो टूक' के एंकर की अत्यंत घटिया टिप्पणी को सुनकर भला कौन कह सकता कि यह भाषा किसी पत्रकार या टीवी एंकर की भाषा हो सकती है
निर्मल रानी / सत्ता की ग़ुलामी करने में मदहोश देश का गोदी मीडिया तमाम अपमानों, ज़लालत, विरोध व आलोचनाओं के बावजूद अपनी प्रस्तुति, सामग्री व शब्दों के चयन के स्तर को दिन प्रतिदिन…

















