मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

Blog posts May 2013

पत्रकारिता विनम्रता की पहली सीढ़ी है

क्योंकि कलम विनम्र है

मनोज कुमार / तीस मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाते हैं। ये दिवस बेहद अर्थवान हैं, खासकर पत्रकारिता के लिये। यहां मैं मीडिया शब्द से परहेज करने की कोशिश करूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि मीडिया का अर्थ पत्रकारिता से एकदम जुदा…

Read more

फि‍ल्‍मांकन स्‍थल के रूप में देश को बढ़ावा देना भारत का उद्देश्य

कांस फि‍ल्‍म महोत्‍सव भी मना रहा है भारतीय सि‍नेमा का शताब्‍दी वर्ष

भारतीय सि‍नेमा अपने शताब्‍दी वर्ष में एक वैश्‍वि‍क पद्चि‍न्‍ह स्‍थापि‍त करने के उद्देश्‍य से फ्रांस में कांस फि‍ल्‍म मह…

Read more

चैनल निर्देशित जनतंत्र की ओर

बतौर दावेदार मात्र ‘मोदी बनाम राहुल’ का संकीर्ण विकल्प

आनंद प्रधान/  राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के साथ-साथ न्यूज चैनल भी अगले आम चुनावों की तैयारियों में जुट गए हैं। हालाँकि आम चुनाव अग…

Read more

राजनीति का जांबी कारोबार

मुर्दों के लिए सारां जहां, जिंदो को दो गज जमीन नहीं! हम लोग भी मुर्दाफरोश हैं

भारतीय राजनीति के इस जांबी कारोबार के मद्देनजर 'गो गोवा गान' फिल्म को देखें, तो कामेडी की हवा निकल ज…

Read more

फेसबुक बना आदिवासियो के जुड़ने का माध्यम

बडवानी (म.प्र.)। फेसबुक के माध्यम से करीब बीस हजार आदिवासी युवा एक दूसरे से जुड़कर कर अपनी कला संस्कृति गतिविधियाँ व समस्याओं को साझा कर रहे हैं।…

Read more

परिवर्तन रैली में पत्रकार पर पुलिस का हमला

पुलिस की इस कार्रवाई को पत्रकारों ने स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला करार दिया है

पटना। गांधी मैदान में परिवर्तन रैली में पुलिस ने पत्रकार प्रणय प्रियंवद को रोका, घसीट…

Read more

कलम का सौदा करने वाला कभी लेखक नहीं हो सकता !

असगर अली इंजीनियर की स्मृति में अरविन्द श्रीवास्तव के दो शब्द
प्रगतिशील आन्दोलन से जुड़े लेखक व चिंतक असगर अली इंजीनियर के असामयिक निधन से बेगूसराय स्थित गोदरगावां का विप्लवी पुस्तकालय परिवार मर्मा…

Read more

हिंदी मासिक "दिव्यता " का हुआ विमोचन

हिंदी बोलने में शर्म क्यों :प्रो.भारत भाष्कर 

लखनऊ।  हम अपनी मातृभाषा में बात करने में शर्म महसूस करते हैं ,जबकि विदेशियों को देखिये कि वह अपने देश में हों या विदेश में,वे अपनी ही भाषा में बात करते हैं। उन्हें अपनी भाष…

Read more

भोगे हुए यथार्थ का प्रस्फुटन

एम. अफसर खां सागर / ‘शब्द की हिमशिला अब पिघलने लगी’ अमरनाथ राय की तीसरी कविता संग्रह है। यह संग्रह सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक और पारिवारिक समेत अन्य तमाम विद्रुपताओं के सरोकारों को परिलक्षित करता है। वक्त के बदलते मिजाज के साथ सब कुछ रेत की मानिन्द हाथ से फिसल जाता है अगर कु…

Read more

शारदा समूह के टीवी चैनल और अखबारों पर सत्ता दल का कब्जा!

जिस तरह एक शानदार अखबार को सत्ता दल के चुनावी हथियार में बदल दिया गया है, वह भी निश्चय ही शर्मनाक है

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास…

Read more

शिक्षा से ही दलित वर्ग का विकास सम्भव- दिलीप सिंह भूरिया

पत्रकार- राजनेता का और पत्रकार-नौकरशाह का गठजोड़ लोकतंत्र के लिये अच्छा संकेत नहीं

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में “अनुसूचित जाति एवं जनजाति का विकास: मीडिया की भूमिक…

Read more

टावर लगाने के धंधे का नियमन नहीं

जारी है गांव-गांव में धोखाधड़ी​

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​ । ​टेलीकाम के बिना अब किसी का काम नहीं चलता इस सूचना महाविस्फोट के जमाने में हर हाथ में काम हो या न हो, हर पेट में भोजन हो या न हो, दे…

Read more

दिव्यता मासिक का विमोचन 13 को

 दिव्यता पब्लिकेशन लखनऊ की पहली मासिक पत्रिका "दिव्यता' का पहला अंक सोमवार को बाज़ार में उपलब्ध होगा।यह जानकारी देते हुए  पत्रिका के संपादक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि अक्षय तृतीया  को यानि 13 मई 2013 की सुबह 10.30 बजे अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञानं केंद्र के प्रेक्षागृह में भारतीय प्रबंधन संसथान ल…

Read more

बदला बाजार, तो बदले समाचार

पहले आम तौर पर किसी भी दिन घटने वाली घटनाओं की सुर्खियां पहले पन्नों पर सभी अखबारों में एक सी रहती थीं, वर्तमान में यह बात लागू नहीं होती…

Read more

टैगोर की कविताओं पर आधारित 13 लघु फिल्में रिलीज

रवींद्रनाथ टैगोर की 150 वीं जयंती का स्‍मरणोत्‍सव

नई दिल्ली। संस्‍कृति मंत्री श्रीमती चंद्रेशकुमारी कटोच ने आज रवींद्रनाथ टैगोर की कविताओं पर आधारित 13 लघु फिल्‍मों को लॉंच किया। इन फिल्‍मों को संस्‍कृति…

Read more

मीडिया का चिटफंड काल

आनंद प्रधान / चैनलों और अखबारों में इन दिनों पश्चिम बंगाल की चिट फंड जैसी कंपनी- शारदा की हजारों करोड़ रूपये की धोखाधड़ी और घोटाले की खबर सुर्ख़ियों में हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, शारदा समूह की कंपनियों ने बंगाल और उसके आसपास के राज्यों के लाखों गरीब और निम्न मध्यवर्गीय परिवारों से …

Read more

हिंदी चित्रपट गीत संगीत कोश: 1981 -1990 का विमोचन

 फ़िल्मी हस्तियों का सम्मान समारोह में समावेश

मुंबई/ हिन्दी सिनेमा के सौ साल पूरे होने के अवसर पर हिन्दी फिल्मी गीतो का एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लता दीनानाथ मंगेशकर ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड संग्रहालय के…

Read more

पल-पल इंडिया के एडिटोरियल डायरेक्टर बने कुमार राकेश

नई दिल्ली/ वरिष्ठ पत्रकार कुमार राकेश भारत के सबसे तेजी से बढ़ते हुए हिंदी इन्टरनेट समाचार-पत्र पल-पल इंडिया डॉट कॉम के नए एडिटोरियल डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं.…

Read more

पत्रकारिता का क्षेत्र फैशन नहीं पैशन है

लिम्का बुक में दर्ज भारत की प्रथम मीडिया डायरेक्टरी "पत्रकारिता कोश" का लोकार्पण

समाचार माध्यम समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम : डॉ. नरेशचंद्र, प्र-कुलगुरू, मुंबई…

Read more

मोबाइल पर मिलेंगे ब्लड डोनर!

स्वैच्छिक रक्तदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराने वाले देश के पहले मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारम्भ

मेरठ । स्वैच्छिक रक्तदाताओं की जानकारी उपलब्…

Read more

20 blog posts